1. (इ) निम्नलिखित अपठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए : (4 अंक)आज का युग और संस्कृति विज्ञापन क्रांति से व्याप्त है। आज की जीवनशैली उपभोक्ता संस्कृति की है। यह अधिक से अधिक पैसा, सुविधाएँ, मनोरंजन और आराम के साधनों पर टिकी है। अ…
1. (इ) निम्नलिखित अपठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए : (4 अंक)
आज का युग और संस्कृति विज्ञापन क्रांति से व्याप्त है। आज की जीवनशैली उपभोक्ता संस्कृति की है। यह अधिक से अधिक पैसा, सुविधाएँ, मनोरंजन और आराम के साधनों पर टिकी है। अतः इसकी संवाहक शिराएँ हैं प्रचार-प्रसार का साधन तथा विज्ञापनों की चरम विकसित कला। इसका साम्राज्य फैला हुआ है। कई वर्गों के लिए तो विज्ञापन जरूरत बन गया है। जैसे, विद्यार्थियों को विभिन्न विद्यालयों में प्रवेश के लिए आवेदनों का एकत्रीकरण करना। इसके अलावा सरकारी, अर्ध-सरकारी सूचनाओं से लेकर संवाद, गोष्ठी, नाटक, सिनेमा की समस्त जानकारी विज्ञापन से मिलती है।
विज्ञापन का प्रभाव उपभोक्ता, विक्रेताओं तथा समाज के अन्य वर्गों पर गहरा पड़ता है। वर्तमान समय में विज्ञापन प्रमुख उद्देश्यों की पूर्ति करता है।
(1) उत्तर लिखिए : (2)
[ संजाल : ‘उपभोक्ता संस्कृति टिकने के साधन’ से चार शाखाएँ – (i) ........ (ii) ........ (iii) ........ (iv) ........ ]
(2) ‘विज्ञापन एक कला’ इस विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। (2)