Skip to content
doubtly

2. (आ) निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए : (6 अंक)वे रोष में आकर बोले – स्वर्ण दो स्वर्ण!मैंने जोश में आकर कहा – सुवर्ण मैंने अपने काव्य में बिखेरे हैंउन्हें कैसे दे दूँ।वे झुँझलाकर बोले, तुम समझे नहींहमें तुम्हारा अ…

2. (आ) निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए : (6 अंक)

वे रोष में आकर बोले – स्वर्ण दो स्वर्ण!
मैंने जोश में आकर कहा – सुवर्ण मैंने अपने काव्य में बिखेरे हैं
उन्हें कैसे दे दूँ।
वे झुँझलाकर बोले, तुम समझे नहीं
हमें तुम्हारा अनधिकृत रूप से अर्जित अर्थ चाहिए
मैं मुसकाकर बोला, अर्थ मेरी नई कविताओं में है
तुम्हें मिल जाए तो ढूँढ़ लो
वे कड़ककर बोले, चाँदी कहाँ है ?
मैं भड़ककर बोला – मेरे बालों में आ रही है धीरे-धीरे
वे उद्भ्रांत होकर बोले,
यह बताओ तुम्हारे नोट कहाँ हैं ?

(1) प्रवाह-तालिका पूर्ण कीजिए : (2)
[प्रवाह-तालिका : ऊपर ‘छापा मारने वालों द्वारा कवि से माँगी गई चीजें’; उसके नीचे क्रमशः चार रिक्त कोष्ठक]

(2) (i) निम्न शब्दों के भिन्नार्थ लिखिए : (1)
नोट (1) ......................... (2) .........................
(ii) पद्यांश में प्रयुक्त दो तत्सम शब्द ढूँढ़कर लिखिए : (1)
(1) ......................... (2) .........................

(3) प्रथम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)

1 answer

Best answer

(1) स्वर्ण, अर्थ (धन), चाँदी, नोट

(2) (i) नोट – (1) चलन का कागजी सिक्का (करेंसी) (2) टिप्पणी
(ii) स्वर्ण, अर्थ (अन्य : काव्य)

(3) कवि कहता है कि छापा मारने वाले रोष में आकर उससे स्वर्ण माँगते हैं। कवि जोश में उत्तर देता है कि उसने अपना सुवर्ण अपनी कविताओं में बिखेर दिया है, उसे वे कैसे ले सकते हैं? इस पर वे झुँझलाकर कहते हैं कि तुम हमारी बात समझे नहीं।

Doubtly AI · 25 Oct 2026 AI-verified · Oct 2026 Report
Was this answer helpful?

Your answer

Log in or create a free account to answer this question.