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3. (अ) निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए : (4 अंक)कुछ दिनों पहले एक कंप्यूटर ने मुझे चालीस हजार रुपयों में खरीदा है! आज-कल उसकी गुलामी में हूँ। उसके नखरों को सिर झुकाकर झेलने में ही अपना कल्याण देख रहा हूँ। उसका वादा…

3. (अ) निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए : (4 अंक)

कुछ दिनों पहले एक कंप्यूटर ने मुझे चालीस हजार रुपयों में खरीदा है! आज-कल उसकी गुलामी में हूँ। उसके नखरों को सिर झुकाकर झेलने में ही अपना कल्याण देख रहा हूँ। उसका वादा है कि एक दिन वह मुझे लिखने-पढ़ने की पूरी आजादी देगा। फिलहाल उसकी एकनिष्ठ सेवा में ही मेरा उज्ज्वल भविष्य है।

इसके पहले एक मोटर मुझे भारी दामों में खरीद चुकी है। उसकी सेवा में भी हूँ। दरअसल, चीजों का एक पूरा परिवार है जिसकी सेवा में हूँ। आदमी का स्वभाव नहीं बदलता या बहुत कम बदलता है। गुलामी करना-करवाना उसके स्वभाव में है। सिर्फ तरीके बदले हैं, गुलामी की प्रवृत्ति नहीं। हजारों साल पहले एक आदमी मालिक होता था और उसके दरजनों गुलाम होते थे। अब हर चीज के दरजनों गुलाम होते हैं।

(1) उचित घटनाक्रम लगाकर वाक्य फिर से लिखिए : (2)
(i) सिर्फ तरीके बदले हैं, गुलामी की प्रवृत्ति नहीं।
(ii) अब हर चीज के दरजनों गुलाम होते हैं।
(iii) एक कंप्यूटर ने मुझे चालीस हजार रुपयों में खरीदा है।
(iv) आदमी का स्वभाव नहीं बदलता।

(2) ‘गुलामी एक कलंक’ इस विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। (2)

1 answer

Best answer

(1) (iii) एक कंप्यूटर ने मुझे चालीस हजार रुपयों में खरीदा है। → (iv) आदमी का स्वभाव नहीं बदलता। → (i) सिर्फ तरीके बदले हैं, गुलामी की प्रवृत्ति नहीं। → (ii) अब हर चीज के दरजनों गुलाम होते हैं।

(2) गुलामी मनुष्य की स्वतंत्रता, आत्मसम्मान और प्रतिभा को छीन लेती है। पराधीन व्यक्ति को हर कदम पर दूसरों के आदेश मानने पड़ते हैं। आज भी मनुष्य भोग-विलास की चीजों का गुलाम बन जाता है। गुलामी मानवता पर कलंक है, इसलिए स्वतंत्रता और आत्मसम्मान की रक्षा करनी चाहिए।

Doubtly AI · 25 Oct 2026 AI-verified · Oct 2026 Report
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