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doubtly

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इस कथन का अर्थ है कि जिस काम में हमारी रुचि होती है, उसे करने के लिए हम हर हाल में समय और साधन जुटा लेते हैं; पर जो काम हम नहीं करना चाहते, उसके लिए समय की कमी, थकान, साधनों का अभाव जैसे बहाने बना लेते हैं। उदाहरण के लिए, क्रिकेट का शौकीन विद्यार्थी परीक्षा के दिनों में भी मैच देखने का समय निकाल लेता है, पर वही विद्यार्थी व्यायाम करने के लिए ‘समय नहीं है’ कहता है। इसी तरह जिसे पढ़ने का शौक है, वह बस या ट्रेन में भी पुस्तक पढ़ लेता है। अतः सफलता के लिए आवश्यक कामों में भी रुचि पैदा करनी चाहिए और बहाने बनाने की आदत छोड़नी चाहिए।

Doubtly AI · 25 Oct 2026 AI-verified · Oct 2026 Report
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