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1. (इ) निम्नलिखित अपठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए : (4 अंक)सन् 1911 में, सत्येंद्रनाथ ने उच्चतर माध्यमिक की विज्ञान की परीक्षा दी और प्रथम आए। मेघनाथ साहा ने ढाका कॉलेज से परीक्षा दी थी और वरीयता क्रम में वे दूसरे स्थान पर थ…

1. (इ) निम्नलिखित अपठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए : (4 अंक)

सन् 1911 में, सत्येंद्रनाथ ने उच्चतर माध्यमिक की विज्ञान की परीक्षा दी और प्रथम आए। मेघनाथ साहा ने ढाका कॉलेज से परीक्षा दी थी और वरीयता क्रम में वे दूसरे स्थान पर थे। निखिल रंजन सेन ने इस परीक्षा में तीसरा स्थान प्राप्त किया।

सत्येन, निखिल रंजन और मेघनाथ साहा ने विज्ञान स्नातक की पढ़ाई के लिए गणित को चुना। वार्षिक परीक्षा में सत्येंद्र प्रथम आए, मेघनाथ द्वितीय और निखिल रंजन तृतीय। सन् 1915 की विज्ञान स्नातकोत्तर की परीक्षा में भी ऐसा ही परिणाम आया।

जल्द ही सत्येन विश्वविद्यालय में ‘चौदह चश्मों वाले लड़के’ के रूप में मशहूर हो गए। वह अपना खाली समय अपने सहपाठियों और निचली कक्षाओं में पढ़ रहे मित्रों को पढ़ाने में व्यतीत करते थे। वह उन्हें हरीश सिन्हा के घर पर पढ़ाते थे। नरेंद्रनाथ राय और दिलीप कुमार राय को इन कक्षाओं से बहुत लाभ हुआ। इसी दौरान सत्येन ‘सबूज पत्र’ नामक दल से सक्रिय रूप से जुड़ गए। दल के सदस्य प्रमथा चौधरी के घर पर इकट्ठे होते थे।

(1) उत्तर लिखिए : (2)
(i) ढाका कॉलेज से परीक्षा में
[द्वितीय स्थान पाने वाले] ........ [तृतीय स्थान पाने वाले] ........
(ii) गद्यांश में उल्लेखित
[दल] ........ [सदस्य] ........

(2) ‘ज्ञान देने से ज्ञान बढ़ता है’ विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। (2)

1 answer

Best answer

(1) (i) द्वितीय स्थान पाने वाले – मेघनाथ साहा; तृतीय स्थान पाने वाले – निखिल रंजन सेन
(ii) दल – ‘सबूज पत्र’; सदस्य – प्रमथा चौधरी

(2) जो ज्ञान हम दूसरों को देते हैं, वह हमारे भीतर और गहरा होता है। पढ़ाकर दोहराने से संदेह दूर होते हैं और विषय की समझ बढ़ती है। सत्येंद्रनाथ सहपाठियों को पढ़ाते थे, इसी से उनका ज्ञान भी निखरा। सचमुच, देने से ज्ञान घटता नहीं, बढ़ता है।

Doubtly AI · 25 Oct 2026 AI-verified · Oct 2026 Report
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