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Maharashtra SSC Hindi (Second or Third Language) Board Paper March 2024
Written board papers, 40 marks and 2 hours each: Science & Technology Part 1 and 2, Algebra, Geometry and more.
Sections
| विभाग 1 – गद्य (20 अंक) | 3 questions | |
| विभाग 2 – पद्य (12 अंक) | 2 questions | |
| विभाग 3 – पूरक पठन (8 अंक) | 2 questions | |
| विभाग 4 – भाषा अध्ययन (व्याकरण) (14 अंक) | 11 questions | |
| विभाग 5 – रचना विभाग (उपयोजित लेखन) (26 अंक) | 6 questions |
Chapters covered
Instructions
विभाग 1 – गद्य (20 अंक)
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1. (अ) निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए : (8 अंक)
टाँग से ज्यादा फिक्र मुझे उन लोगों की हुई जो हमदर्दी जताने मुझसे मिलने आएँगे। ये मिलने-जुलने वाले कई बार इतने अधिक आते हैं और कभी-कभी इतना परेशान करते हैं कि मरीज का आराम हराम हो जाता है, जिसकी मरीज को खास जरूरत होती है। जनरल वार्ड का तो एक नियम होता है कि आप मरीज को एक निश्चित समय पर आकर ही तकलीफ दे सकते हैं किंतु प्राइवेट वार्ड, यह तो एक खुला निमंत्रण है कि ‘‘हे मेरे परिचितो, रिश्तेदारो, मित्रो! आओ, जब जी चाहे आओ, चाहे जितनी देर रुको, समय का कोई बंधन नहीं। अपने सारे बदले लेने का यही वक्त है।’’ बदले का बदला और हमदर्दी की हमदर्दी। मिलने वालों का खयाल आते ही मुझे लगा मेरी दूसरी टाँग भी टूट गई।
मुझसे मिलने के लिए सबसे पहले वे लोग आए जिनकी टाँग या कुछ और टूटने पर मैं कभी उनसे मिलने गया था, मानो वे इसी दिन का इंतजार कर रहे थे कि कब मेरी टाँग टूटे और कब वे अपना एहसान चुकाएँ। इनकी हमदर्दी में यह बात खास छिपी रहती है कि देख बेटा, वक्त सब पर आता है।
दर्द के मारे एक तो मरीज को वैसे ही नींद नहीं आती, यदि थोड़ी-बहुत आ भी जाए तो मिलने वाले जगा देते हैं—खास कर वे लोग जो सिर्फ औपचारिकता निभाने आते हैं।
(1) निम्नलिखित वाक्य पूर्ण कीजिए : (2)
(i) मरीज का आराम हराम तब हो जाता है जब .........
(ii) जब मिलने वालों का खयाल लेखक को आता है तब .........(2) उत्तर लिखिए : (2)
(i) हमदर्दी जताने वालों की फिक्र करने वाला—
(ii) लेखक को परेशान करने वाले—
(iii) मरीज को मिलने के संबंध में यहाँ समय का बंधन पाला जाता है—
(iv) मरीज को इसके कारण नींद नहीं आती—(3) (i) गद्यांश में आई हुई एक समानार्थी शब्द की जोड़ी ढूँढ़कर लिखिए। (1)
(ii) गद्यांश में प्रयुक्त दो उर्दू शब्द ढूँढ़कर लिखिए : (1)
(1) ........ (2) ........(4) ‘आराम हराम है’ विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। (2)
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1. (आ) निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए : (8 अंक)
अभी समाज में यह चल रहा है कि बहुत से लोग अपनी आजीविका शरीर श्रम से चलाते हैं और थोड़े बौद्धिक श्रम से। जिनके पास संपत्ति अधिक है, वे आराम में रहते हैं। अनेक लोगों में श्रम करने की आदत भी नहीं है। इस दशा में उक्त नियम का अमल होना दूर की बात है फिर भी उसके पीछे जो तथ्य है, वह हमें स्वीकार करना चाहिए भले ही हमारी दुर्बलता के कारण हम उसे ठीक तरह से न निभा सकें क्योंकि आजीविका की साधन-सामग्री किसी-न-किसी के श्रम बिना हो ही नहीं सकती। इसलिए बिना शरीर श्रम किए उस सामग्री का उपयोग करने का न्यायोचित अधिकार हमें नहीं मिलता। अगर पैसे के बल पर हम सामग्री खरीदते हैं तो उस पैसे की जड़ भी अंत में श्रम ही है।
धनिक लोग अपनी ज्यादा संपत्ति का उपयोग समाज के हित में ट्रस्टी के तौर पर करें। संपत्ति दान यज्ञ और भूदान यज्ञ का भी आखिर आशय क्या है ? अपने पास आवश्यकता से जो कुछ अधिक है, उसपर हम अपना अधिकार न समझकर उसका उपयोग दूसरों के लिए करें।
यह भी बहस चलती है कि धनिकों के दान से सामाजिक उपयोग के अनेक बड़े-बड़े कार्य होते हैं जैसे कि अस्पताल, विद्यालय आदि।
(1) उत्तर लिखिए : (2)
(i) समाज में अपनी आजीविका बहुत से लोग इससे चलाते हैं—
(ii) समाज में अपनी आजीविका थोड़े लोग इससे चलाते हैं—
(iii) आराम में रहने वाले लोगों के पास यह अधिक है—
(iv) अनेक लोगों में इसकी आदत नहीं है—(2) कृति पूर्ण कीजिए : (2)
(i) [केंद्र में ‘गद्यांश में उल्लेखित यज्ञ’ और नीचे दो रिक्त कोष्ठक]
(ii) [केंद्र में ‘धनिकों के दान से होने वाले सामाजिक कार्य’ और नीचे दो रिक्त कोष्ठक](3) (i) सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए : (1)
[तालिका : उपसर्गयुक्त शब्द | ← श्रम → | प्रत्यययुक्त शब्द]
(ii) गद्यांश में प्रयुक्त शब्दयुग्म ढूँढ़कर उसका अर्थपूर्ण वाक्य में प्रयोग कीजिए। (1)(4) ‘करोगे दान पाओगे समाधान’ विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। (2)
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1. (इ) निम्नलिखित अपठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए : (4 अंक)
सन् 1911 में, सत्येंद्रनाथ ने उच्चतर माध्यमिक की विज्ञान की परीक्षा दी और प्रथम आए। मेघनाथ साहा ने ढाका कॉलेज से परीक्षा दी थी और वरीयता क्रम में वे दूसरे स्थान पर थे। निखिल रंजन सेन ने इस परीक्षा में तीसरा स्थान प्राप्त किया।
सत्येन, निखिल रंजन और मेघनाथ साहा ने विज्ञान स्नातक की पढ़ाई के लिए गणित को चुना। वार्षिक परीक्षा में सत्येंद्र प्रथम आए, मेघनाथ द्वितीय और निखिल रंजन तृतीय। सन् 1915 की विज्ञान स्नातकोत्तर की परीक्षा में भी ऐसा ही परिणाम आया।
जल्द ही सत्येन विश्वविद्यालय में ‘चौदह चश्मों वाले लड़के’ के रूप में मशहूर हो गए। वह अपना खाली समय अपने सहपाठियों और निचली कक्षाओं में पढ़ रहे मित्रों को पढ़ाने में व्यतीत करते थे। वह उन्हें हरीश सिन्हा के घर पर पढ़ाते थे। नरेंद्रनाथ राय और दिलीप कुमार राय को इन कक्षाओं से बहुत लाभ हुआ। इसी दौरान सत्येन ‘सबूज पत्र’ नामक दल से सक्रिय रूप से जुड़ गए। दल के सदस्य प्रमथा चौधरी के घर पर इकट्ठे होते थे।
(1) उत्तर लिखिए : (2)
(i) ढाका कॉलेज से परीक्षा में
[द्वितीय स्थान पाने वाले] ........ [तृतीय स्थान पाने वाले] ........
(ii) गद्यांश में उल्लेखित
[दल] ........ [सदस्य] ........(2) ‘ज्ञान देने से ज्ञान बढ़ता है’ विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। (2)
विभाग 2 – पद्य (12 अंक)
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2. (अ) निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए : (6 अंक)
किसी का हमने छीना नहीं, प्रकृति का रहा पालना यहीं
हमारी जन्मभूमि थी यहीं, कहीं से हम आए थे नहीं।.........
चरित थे पूत, भुजा में शक्ति, नम्रता रही सदा संपन्न
हृदय के गौरव में था गर्व, किसी को देख न सके विपन्न।
हमारे संचय में था दान, अतिथि थे सदा हमारे देव
वचन में सत्य, हृदय में तेज, प्रतिज्ञा में रहती थी टेव।
वही है रक्त, वही है देश, वही सहास है, वैसा ज्ञान
वही है शांति, वही है शक्ति, वही हम दिव्य आर्य संतान।
जिएँ तो सदा इसी के लिए, यही अभिमान रहे यह हर्ष
निछावर कर दें हम सर्वस्व, हमारा प्यारा भारतवर्ष।(1) उत्तर लिखिए : (2)
[तालिका : वचन में | संचय में | भुजा में | प्रतिज्ञा में — नीचे चार रिक्त स्थान](2) (i) पद्यांश से विलोम शब्द की जोड़ी ढूँढ़कर लिखिए : (1)
........ × ........
(ii) निम्नलिखित शब्दों के वचन पहचानकर लिखिए : (1)
(1) भारत — ........ (2) भुजाएँ — ........(3) उपर्युक्त पद्यांश की अंतिम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)
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2. (आ) निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए : (6 अंक)
घन घमंड नभ गरजत घोरा। प्रिया हीन डरपत मन मोरा॥
दामिनि दमक रहहिं घन माहीं। खल कै प्रीति जथा थिर नाहीं॥
बरषहिं जलद भूमि निअराएँ। जथा नवहिं बुध विद्या पाएँ॥
बूँद अघात सहहिं गिरि कैसे। खल के बचन संत सह जैसे॥
छुद्र नदी भरि चली तोराई। जस थोरेहुँ धन खल इतराई॥
भूमि परत भा ढाबर पानी। जनु जीवहिं माया लपटानी॥
समिटि-समिटि जल भरहिं तलावा। जिमि सदगुन सज्जन पहिं आवा॥
सरिता जल जलनिधि महुँ जाई। होई अचल जिमि जिव हरि पाई॥(1) निम्नलिखित विधान सत्य अथवा असत्य पहचानकर लिखिए : (2)
(i) उपर्युक्त पद्यांश में शिशिर ऋतु का वर्णन किया है → ........
(ii) श्री राम जी का मन डर रहा है → ........
(iii) दुष्ट व्यक्ति का प्रेम स्थिर नहीं होता है → ........
(iv) सद्गुण एक-एक करके अपने आप सज्जन व्यक्ति के पास आ जाते हैं → ........(2) (i) निम्नलिखित शब्दों के लिए पद्यांश में प्रयुक्त शब्द ढूँढ़कर लिखिए : (1)
(1) दुष्ट — ........ (2) विद्वान — ........
(ii) निम्नलिखित शब्दों के लिंग पहचानकर लिखिए : (1)
(1) बूँद → ........ (2) गिरि → ........(3) उपर्युक्त पद्यांश से क्रमशः किन्हीं दो पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)
विभाग 3 – पूरक पठन (8 अंक)
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3. (अ) निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए : (4 अंक)
इस वर्ष बड़ी भीषण गर्मी पड़ रही थी। दिन तो अंगारे से तपे रहते ही थे, रातों में भी लू और उमस से चैन नहीं मिलता था। सोचा इस लिजलिजे और घुटनभरे मौसम से राहत पाने के लिए कुछ दिन पहाड़ों पर बिता आएँ।
अगले सप्ताह ही पर्वतीय स्थल की यात्रा पर निकल पड़े। दो-तीन दिनों में ही मन में सुकून-सा महसूस होने लगा था। वहाँ का प्राकृतिक सौंदर्य, हरे-भरे पहाड़ गर्व से सीना ताने खड़े, दीर्घता सिद्ध करते वृक्ष, पहाड़ों की नीरवता में हल्का-सा शोर कर अपना अस्तित्व सिद्ध करते झरने, मन बदलाव के लिए पर्याप्त थे।
उस दिन शाम के वक्त झील किनारे टहल रहे थे। एक भुट्टेवाला आया और बोला–‘‘साब, भुट्टा लेंगे। गरम-गरम भूनकर मसाला लगाकर दूँगा। सहज ही पूछ लिया–‘‘कितने का है ?’’
‘‘पाँच रुपये का।’’
‘‘क्या? पाँच रुपये में एक भुट्टा। हमारे शहर में तो दो रुपये में एक मिलता है, तुम तीन ले लो।’’
(1) संजाल पूर्ण कीजिए : (2)
[संजाल : केंद्र में ‘लेखक के मन को सुकून देने वाले प्राकृतिक घटक’, चारों ओर चार रिक्त कोष्ठक](2) ‘प्रकृति मन को प्रसन्न करती है’ विषय पर अपने विचार 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)
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3. (आ) निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए : (4 अंक)
काँटों के बीच
खिलखिलाता फूल
देता प्रेरणा।भीतरी कुंठा
आँखों के द्वार से
आई बाहर।खारे जल से
धुल गए विषाद
मन पावन।(1) उचित जोड़ियाँ मिलाइए : (2)
[तालिका : ‘अ’ — (i) खिलखिलाता फूल (ii) भीतरी (iii) खारा (iv) पावन; ‘आ’ — विषाद, जल, प्रेरणा, कुंठा, मन](2) ‘काँटों के बीच खिलनेवाला फूल प्रेरणा देता है’ विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। (2)
विभाग 4 – भाषा अध्ययन (व्याकरण) (14 अंक)
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4. (1) निम्नलिखित वाक्य में अधोरेखांकित शब्द का शब्दभेद पहचानकर लिखिए : (1)
क्या तुम कॉलेज में पढ़ी हो ?
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4. (2) निम्नलिखित अव्ययों में से किसी एक अव्यय का अर्थपूर्ण वाक्य में प्रयोग कीजिए : (1)
(i) धीरे-धीरे
(ii) लेकिन -
4. (3) कृति पूर्ण कीजिए : (1)
शब्द – ........; संधि-विच्छेद – महा + आत्मा; संधि भेद – ........
अथवा
शब्द – दुस्साहस; संधि-विच्छेद – ........ + ........; संधि भेद – ........
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4. (4) निम्नलिखित वाक्यों में से किसी एक वाक्य की सहायक क्रिया पहचानकर उसका मूल रूप लिखिए : (1)
(i) हम आगे बढ़ गए।
(ii) मैंने दरवाजा खोल दिया।[तालिका : सहायक क्रिया | मूल क्रिया]
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4. (5) निम्नलिखित में से किसी एक क्रिया का प्रथम तथा द्वितीय प्रेरणार्थक रूप लिखिए : (1)
[तालिका : क्रिया | प्रथम प्रेरणार्थक रूप | द्वितीय प्रेरणार्थक रूप]
चलना ........ ........
मिलना ........ ........ -
4. (6) निम्नलिखित मुहावरों में से किसी एक मुहावरे का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए : (1)
(i) टाँग अड़ाना
(ii) गला फाड़नाअथवा
अधोरेखांकित वाक्यांश के लिए कोष्ठक में दिए मुहावरों में से उचित मुहावरे का चयन करके वाक्य फिर से लिखिए :
(काँप उठना; हाथ फेरना)
रोते हुए बच्चे को गोद में उठाकर माँ स्नेह करने लगी।
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4. (7) निम्नलिखित वाक्यों में प्रयुक्त कारकों में से कोई एक कारक पहचानकर उसका भेद लिखिए : (1)
(i) मकान पर मकान लदे हैं।
(ii) रामस्वरूप इशारे के लिए खाँसते हैं।कारक चिह्न | कारक भेद
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4. (8) निम्नलिखित वाक्य में यथास्थान उचित विराम-चिह्नों का प्रयोग करके वाक्य फिर से लिखिए : (1)
हाँ मेरे पास बहुत से पत्र आते हैं
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4. (9) निम्नलिखित वाक्यों में से किन्हीं दो वाक्यों का सूचना के अनुसार काल परिवर्तन कीजिए : (2)
(i) मानू को ससुराल पहुँचाने मैं ही जाता हूँ। (सामान्य भविष्यकाल)
(ii) दोनों ही देर तक फूट-फूटकर रोते रहे। (अपूर्ण भूतकाल)
(iii) वे पुस्तक शांति से पढ़ते हैं। (पूर्ण वर्तमानकाल) -
4. (10) (i) निम्नलिखित वाक्य का रचना के आधार पर भेद पहचानकर लिखिए : (1)
मोटे तौर पर दो वर्ग किए जा सकते हैं।
(ii) निम्नलिखित वाक्यों में से किसी एक वाक्य का अर्थ के आधार पर दी गई सूचनानुसार परिवर्तन कीजिए : (1)
(1) परिचय के बिना किसी को दाखिल करना चाहिए। (निषेधार्थक वाक्य)
(2) थोड़ी बातें हुईं। (प्रश्नार्थक वाक्य) -
4. (11) निम्नलिखित वाक्यों में से किन्हीं दो वाक्यों को शुद्ध करके वाक्य फिर से लिखिए : (2)
(i) घर में तख्त के रखे जाने का आवाज आता है।
(ii) करामत अली के आँखों में आँसू उतर आई।
(iii) ठीख उसी समय रूपा की आँखें खुला।
विभाग 5 – रचना विभाग (उपयोजित लेखन) (26 अंक)
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5. (अ) (1) पत्रलेखन : (5 अंक) (सूचना :– आवश्यकतानुसार परिच्छेद में लेखन अपेक्षित है।)
निम्नलिखित जानकारी के आधार पर पत्रलेखन कीजिए :
राजेश/रजनी शर्मा, मातोश्री छात्रालय, चिचेवड से अपने छोटे भाई सुयश शर्मा ‘नंदनवन’ कालोनी, नांदेड़ को योग के महत्त्व समझाने हेतु पत्र लिखता/लिखती है।
अथवा
अनिकेत/अनिशा सोनवणे, गांधी मार्ग, सांगली से मा. व्यवस्थापक, मीरा स्पोर्ट्स, आज़ाद चौक, सातारा को क्रिकेट खेल सामग्री की माँग करने हेतु पत्र लिखता/लिखती है।
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5. (अ) (2) गद्य आकलन – प्रश्ननिर्मिति : (4 अंक)
निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर ऐसे चार प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर गद्यांश में एक-एक वाक्य में हों :
वाणी ईश्वर द्वारा मनुष्य को दी गई एक बड़ी देन है। वह मनुष्य के चिंतन का फलित है और उसका साधन भी। चिंतन के बगैर वाणी नहीं और वाणी के बगैर चिंतन नहीं और दोनों के बगैर मनुष्य नहीं।
मनुष्य के जीवन का समाधान वाणी के संयम और उसके सदुपयोग पर निर्भर है। मनुष्य के सारे चिंतनशास्त्र वाणी पर आधारित हैं। दर्शनों का सारा प्रयास विचारों को वाणी में ठीक-से पेश करने के लिए रहा है। वाणी विचार का शरीर है। कोई खास विचार किसी खास शब्द में ही समता है। इसलिए गंभीर चिंतन करने वाले निश्चित वाणी की खोज करते रहते हैं।
पतंजलि के बारे में कहते हैं कि उसने चित्तशुद्धि के लिए योगसूत्र लिखे, शरीरशुद्धि के लिए वैद्यक लिखा और वाक्शुद्धि के लिए व्याकरण महाभाष्य लिखा।
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5. (आ) (1) वृत्तांत लेखन : (5 अंक)
गुरुकृपा विद्यालय, बीड में मनाए गए ‘स्वतंत्रता दिन’ समारोह का 70 से 80 शब्दों में वृत्तांत लेखन कीजिए।
(वृत्तांत में स्थल, काल, घटना का उल्लेख होना अनिवार्य है)
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5. (आ) (1) अथवा – कहानी लेखन : (5 अंक)
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 70 से 80 शब्दों में कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए :
एक गाँव – होशियार लड़कियाँ – गाँव में पानी का अभाव – लड़कियों का घर के कामों में सहायता करना – दूर से पानी लाना – पढ़ाई के लिए कम समय मिलना – लड़कियों का पानी की समस्या पर चर्चा करना – समस्या सुलझाने का उपाय – गाँव वालों की सहायता से प्रयोग करना – सफलता पाना।
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5. (आ) (2) विज्ञापन लेखन : (5 अंक)
निम्नलिखित जानकारी के आधार पर 50 से 60 शब्दों में विज्ञापन तैयार कीजिए :
क्रीडा शिविर → स्थान, तिथि, समय • उद्घाटक, तज्ज्ञ मार्गदर्शक • विशेषताएँ • प्रवेश शुल्क • संपर्क, पता
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5. (इ) निबंध लेखन : (7 अंक)
निम्नलिखित विषयों में से किसी एक विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए :
(1) किसान की आत्मकथा
(2) हमारी सैर
(3) यदि पुस्तकें न होतीं.........