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3. (आ) निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए : (4 अंक)हम उस धरती के लड़के हैं, जिस धरती की बातेंक्या कहिए; अजी क्या कहिए; हाँ क्या कहिए।यह वह मिट्टी, जिस मिट्टी में खेले थे यहाँ ध्रुव-से बच्चे।यह मिट्टी, हुए प्रहलाद जहाँ…

3. (आ) निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए : (4 अंक)

हम उस धरती के लड़के हैं, जिस धरती की बातें
क्या कहिए; अजी क्या कहिए; हाँ क्या कहिए।
यह वह मिट्टी, जिस मिट्टी में खेले थे यहाँ ध्रुव-से बच्चे।
यह मिट्टी, हुए प्रहलाद जहाँ, जो अपनी लगन के थे सच्चे।
शेरों के जबड़े खुलवाकर, थे जहाँ भरत दतुली गिनते,
जयमल-पत्ता अपने आगे, थे नहीं किसी को कुछ गिनते!
इस कारण हम तुमसे बढ़कर, हम सबके आगे चुप रहिए।
अजी चुप रहिए, हाँ चुप रहिए। हम उस धरती के लड़के हैं.......

(1) विशेषताओं के आधार पर पहचानिए : (2)
(i) किसी को कुछ न गिनने वाला → ........
(ii) अपनी लगन का सच्चा → ........
(iii) इस मिट्टी में खेलने वाला → ........
(iv) शेरों के जबड़े खुलवाकर दाँत गिनने वाला → ........

(2) ‘सफलता के लिए लगन की आवश्यकता’ इस विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। (2)

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(1) (i) जयमल-पत्ता (ii) प्रहलाद (iii) ध्रुव (iv) भरत

(2) सफलता का आधार प्रतिभा नहीं, लगन है। जिसमें किसी काम को पूरा करने की जिद और निरंतरता होती है, वह असफलताओं से घबराता नहीं। प्रहलाद की भक्ति, ध्रुव की तपस्या और वैज्ञानिकों के वर्षों के परिश्रम से यह सिद्ध होता है कि लगन से कठिन से कठिन लक्ष्य भी सध जाता है।

Doubtly AI · 25 Oct 2026 AI-verified · Oct 2026 Report
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