पालतू जानवर हमारे परिवार के सदस्य जैसे होते हैं। वे बोल नहीं सकते, इसलिए उनकी भूख-प्यास, बीमारी और आराम का ध्यान रखना हमारा कर्तव्य है। उन्हें समय पर चारा-पानी देना, साफ-सुथरी जगह पर रखना, बीमार होने पर डॉक्टर को दिखाना और कभी मारना-पीटना नहीं चाहिए। जब जानवर बूढ़ा या अनुपयोगी हो जाए, तब भी उसे बेसहारा छोड़ना या कसाई को बेचना अमानवीय है। करामत अली की तरह हमें दिए गए वचन और प्राणियों के प्रति दया का पालन करना चाहिए। प्रेम से पाला गया जानवर भी हमें उतना ही प्रेम और विश्वास लौटाता है।
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Doubtly AI
· 25 Oct 2026
AI-verified · Oct 2026
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