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doubtly

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  1. बिना करताल-पखावज के बजने वाली अनहद नाद की झंकार
  2. बिना सुर के गाए जाने वाले छत्तीसों (श्रेष्ठ) राग; रोम-रोम में रणकार
  3. शील और संतोष की घोली हुई केसर तथा प्रेम-प्रीति की पिचकारी
  4. उड़ता गुलाल, जिससे आकाश लाल हो गया और अपार रंगों की वर्षा
Doubtly AI · 25 Oct 2026 AI-verified · Oct 2026 Report
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