यदि मेरा घर अंतरिक्ष में होता
रात को तारों भरा आकाश देखते हुए मैं अकसर सोचता हूँ कि यदि मेरा घर अंतरिक्ष में होता तो कितना रोमांचक होता ! मैं खिड़की से नीली-सी पृथ्वी को घूमते हुए देखता। गुरुत्वाकर्षण न होने से मैं हवा में तैरता और पानी की बूँदें गोल मोतियों-सी उड़तीं। दिन में कई बार सूर्योदय और सूर्यास्त देखता।
पर वहाँ जीवन आसान न होता। साँस लेने के लिए ऑक्सीजन, खाने के लिए विशेष पैक भोजन और व्यायाम की कड़ी दिनचर्या जरूरी होती। माँ के हाथ का खाना, मित्रों के साथ खेलना और बारिश की सोंधी खुशबू मुझे बहुत याद आती।
अंत में मुझे यही लगता है कि अंतरिक्ष देखने का सपना सुंदर है, पर रहने के लिए हमारी पृथ्वी जैसा कोई घर नहीं। इसलिए हमें इसकी रक्षा करनी चाहिए।