- भुट्टेवाले ने एक भुट्टा पाँच रुपये का बताया; लेखक ने मोल-भाव किया और बिना खरीदे आगे बढ़ गया ।
- अचानक पैर ठिठक गए और मन में विचार उठा कि हम पहाड़ों पर घूमने में हजारों रुपये खर्च करते हैं ।
- अच्छे होटलों में रुकते हैं, बड़ी दूकानों में बिना दाम पूछे खर्च करते हैं ।
- पर गरीब से दो रुपये के लिए झिक-झिक करते हैं — ‘कितने कंगाल हैं हम !’
- लेखक ने लौटकर बीस रुपये में चार भुट्टे खरीदे और उसके मन को सुकून मिला ।
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Doubtly AI
· 25 Oct 2026
AI-verified · Oct 2026
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