जल है तो कल है
जल ही जीवन है । मनुष्य, पशु-पक्षी और पेड़-पौधे — सभी का जीवन जल पर निर्भर है । पीने, खाना बनाने, खेती करने और उद्योग चलाने के लिए जल आवश्यक है । पृथ्वी पर जल तो बहुत है, पर पीने योग्य मीठा जल बहुत कम है ।
आज बढ़ती जनसंख्या, पेड़ों की कटाई, जल का दुरुपयोग और प्रदूषण के कारण जल संकट बढ़ता जा रहा है । कई गाँवों में लोगों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ता है । यदि हमने अभी से जल नहीं बचाया तो आने वाली पीढ़ियों का भविष्य संकट में पड़ जाएगा ।
हमें नल खुला न छोड़ना, वर्षा जल संचयन करना, अधिक पेड़ लगाना और नदियों-तालाबों को स्वच्छ रखना चाहिए । सच ही कहा गया है — जल है तो कल है ।