0 votes
505 views
in Discuss by (98.9k points)
edited
छाता बारिश को तो नहीं रोक सकता :-APJ ABDUL KALAM

1 Answer

0 votes
by (98.9k points)
selected by
 
Best answer

छाता बारिश को तो नहीं रोक सकता
 परन्तु बारिश में खड़े रहने का हौसला अवश्य देता है।
 इसी प्रकार आत्म विश्वास सफलता की गारंटी तो नहीं देता 
 परन्तु सफलता के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा अवश्य देता है।

:-APJ ABDUL KALAM

छाता बारिश को तो नहीं रोक सकता  परन्तु बारिश में खड़े रहने का हौसला अवश्य देता है।  इसी प्रकार आत्म विश्वास सफलता की गारंटी तो नहीं देता   परन्तु सफलता के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा अवश्य देता है।

आज हम इसी topic  के उपर चर्चा करेंगे ।

छाता बारिश को तो नहीं रोक सकता

इससे अब्दुल कलाम का मतलब है , यदि बारिश का समय है और आपके पास एक  छाता है । तो आप उसके नीचे बारिश से भीगेंगे नहीं लेकिन क्या उस छाते की वजह से बारिश बंद हो जाती है।
ऐसा नहीं होता , तो आज हम अब्दुल कलाम जी के इसी वाक्य के बारे में समझेंगे और बात करेंगे ।
यदि आज आपके पास  छाता है , तो आपको बारिश में खड़े रहने का हौसला मिलता है , क्युकी आपको मालूम (पता) है कि आप छाते के नीचे भीगेंगे नहीं । 
इसी से अब्दुल कलाम जी ने कहा है , की आपको बारिश में खड़े होने का हौसला मिलेगा ।
लेकिन तो यहां पे छाता आपको गारंटी नहीं देता , कि यह बारिश रोक देगा लेकिन आपको संतुष्ट करता है कि ये आपको भीगने से बचाएगा । जो कि आपके लक्ष्य का ही एक हिस्सा है, 

आपको बारिश से बचना है , (बारिश रोकिनी नहीं थी ) ।आपका सायद यह मोटिव (लक्ष्य ) हो , कि आपको इस बारिश में कहीं जाना है , तो छाते ने बारिश तो बंद नहीं की लेकिन आपकी  प्राथमिकता क्या थी , की आपको भीगना नहीं है , तो यहां पे इसने आपको बचाया । मतलब आपका लक्ष्य था आपको  बारिश में भीगना नहीं है, तो आप नहीं भीगे , बारिश बंद करना आपके हाथ में नहीं था ,। लेकिन बचना था ।



 इसी प्रकार आत्म विश्वास सफलता की गारंटी तो नहीं देता ।
लेकिन आपको एक दूसरा रास्ता जरूर बताता है सफल होने के लिए। क्युकी व्यक्ति को दूसरों की गलतियों से सीखना चाहिए ।
 यदि आपको विश्वास है कि आप यह कार्य अवश्य कर लेंगे , तो निश्चय ही आपसे बेहतर कोई दूसरा नहीं कर सकता ।
इंसान को कुछ भी पाने के लिए बहोत मेहनत करनी पड़ती है।
और मेहनत करने की प्रेरणा विश्वास से ही आती है।
और जो व्यक्ति संघर्ष करता है विजय उसकी ही होती है।
बस वह हार नहीं मानना चाहिए ।
क्युकी जों डर गया सो मर गया ।
अब ये आपको सोचना है ,कभी कभी इंसान अपने goal के पास होता है फिर भी वहां से पीछे हट जाता है । 
जिसकी वजह से वह हार जाता है ।
धन्यवाद यदि आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो कृपया इसे शेयर करे दोस्तो को हमारे बारे में बताए । और आप हमारे email को सब्स्क्राइब कर सक्ते है। You can subscribe us on youtube a new journey begins here .

Related questions

0 votes
1 answer 788 views
+2 votes
1 answer 605 views

Doubtly is an online community for engineering students, offering:

  • Free viva questions PDFs
  • Previous year question papers (PYQs)
  • Academic doubt solutions
  • Expert-guided solutions

Get the pro version for free by logging in!

Recent Badges

Doubtly Earned a badge
Doubtly Earned a badge
Doubtly Earned a badge

5.7k questions

5.1k answers

108 comments

650 users

...