NCERT
- निम्नलिखित पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकार पहचान कर लिखिए। (परीक्षोपयोगी नहीं है) बालकु बोलि बधौं नहि तोही। इस पंक्ति में ‘ब’ वर्ण का बार बार प्रयोग हुआ है; इसलिए यह अनुप्रास अलंकार है। कोटि कुलिस सम बचनु तुम्हारा। इस पंक्... 1
- इस पूरे प्रसंग में व्यंग्य का अनूठा सौंदर्य है। उदाहरण के साथ स्पष्ट कीजिए। प्रस्तुत पदों के अध्ययन से पता चलता है कि लक्ष्मण के कथन में गहरा व्यंग्य छिपा हुआ है। लक्ष्मण परशुराम से कहते हैं कि श्री राम ने इस धनुष को... 1
- पाठ के आधार पर तुलसी के भाषा सौंदर्य पर दस पंक्तियाँ लिखिए। तुलसीदास जी ने अपने काव्य में अवधि भाषा का प्रयोग किया है तुलसीदास कवि विभक्त होने के साथ-साथ महान विद्वान भी थी उनकी काव्य रचना व्याकरण की... 1
- गाधिसूनु कह हृदय हसि मुनिहि हरियरे सूझ। अयमय खाँड़ न ऊखमय अजहुँ न बूझ अबूझ॥ ऐसा सुनकर विश्वामित्र मन ही मन हँसे और सोच रहे थे कि इन मुनि को सबकुछ मजाक लगता है। यह बालक फौलाद का बना हुआ और ये किसी अबोध की तरह इसे गन्न... 2
- इहाँ कुम्हड़बतिया कोई नाहीं। जे तरजनी देखि मरि जाहीं॥ देखि कुठारु सरासन बाना। मैं कछु कहा सहित अभिमाना॥ मैं कोई कुम्हड़े की बतिया नहीं हूँ जो तर्जनी अंगुली दिखाने से ही कुम्हला जाती है। मैंने तो कोई भी बात ऐसी नहीं कही जिसमें अभिमान दिखता हो। फि... 2
- बिहसि लखनु बोले मृदु बानी। अहो मुनीसु महाभट मानी॥ पुनि पुनि मोहि देखाव कुठारू। चहत उड़ावन फूँकि फारू॥ इसपर लक्ष्मण हँसकर और थोड़े प्यार से कहते हैं कि मैं जानता हूँ कि आप एक महान योद्धा हैं। लेकिन मुझे बार बार आप ऐसे कुल्हाड़ी दिखा रहे हैं जैसे... 1
- साहस और शक्ति के साथ विनम्रता हो तो बेहतर है। इस कथन पर अपने विचार लिखिए। शास्त्र में कहा गया है कि विनम्रता सदा पुरुषों को शोभा देती है। कमजोर और कायर व्यक्ति का विनम्र होना, उनका गुण नहीं, अपितु उनकी मजबूरी है क्... 1
- लक्ष्मण ने वीर योद्धा की क्या-क्या विशेषताएँ बताईं? लक्ष्मण ने वीर योद्धा की निम्नलिखित विशेषताएँ बताई:-i) वीर योद्धा रणभूमि में वीरता दिखाता है। अपना गुणगान नहीं करता।ii) कायर ही अपनी शक्ति क... 1
- परशुराम ने अपने विषय में सभा में क्या-क्या कहा, निम्न पद्याँश के आधार पर लिखिए। (परीक्षोपयोगी नहीं है) मैं बाल ब्रह्मचारी हूँ और सारा संसार मुझे क्षत्रिय कुल के विनाशक के रूप में जानता है। मैंने अपने भुजबल से इस पृथ्वी को कई बार क्षत्रियों से... 1
- लक्ष्मण और परशुराम के संवाद का जो अंश आपको सबसे अच्छा लगा उसे अपने शब्दों में संवाद शैली में लिखिए। (परीक्षोपयोगी नहीं परशुराम- शिवजी का धनुष तोड़ने का दुस्साहस किसने किया है?राम- हे नाथ! इस शिवजी के धनुष को तोड़ने वाला अवश्य ही आपका कोई दास ही होगा।परशुराम-... 1
- परशुराम के क्रोध करने पर राम और लक्ष्मण की जो प्रतिक्रियाएँ हुई उनके आधार पर दोनों के स्वभाव परशुराम के क्रोध करने पर राम और लक्ष्मण की जो प्रतिक्रियाएँ हुई उनके आधार पर कहा जा सकता है कि श्री राम स्वभाव से अत्यंत सरल, शांत एवं गंभीर... 1
- परशुराम के क्रोध करने पर लक्ष्मण ने धनुष टूट जाने के लिए कौन कौन से तर्क दिए? परशुराम के क्रोध करने पर लक्ष्मण ने तर्क देते हुए कहा कि हमने बचपन में बहुत धनुष तोड़े हैं। इसको तोड़ने पर आपको क्रोध क्यों आया? क्या आपकी इ... 1
- संकलित पदों को ध्यान में रखते हुए सूर के भ्रमरगीत की मुख्य विशेषताएँ बताइए। सूर के भ्रमरगीत की सबसे प्रमुख विशेषता यह है कि इसमें गोपियों की अभिव्यंजना हुई है। इस भ्रमरगीत में व्यंग्य, कटाक्ष, निराशा, प्रार्थना, पीड़... 1
- गोपियों ने अपने वाक्चातुर्य के आधार पर ज्ञानी उद्धव को परास्त कर दिया, उनके वाक्चातुर्य की विशेषताएँ लिखिए। गोपियों ने अपने वाक्चातुर्य से उद्धव को परास्त कर दिया था। गोपियों ने सर्वप्रथम उन्हें भाग्यशाली कहा और कमल का पत्ता तथा तेल की मटकी से तुलन... 1
- गोपियों को कृष्ण में ऐसे कौन से परिवर्तन दिखाई दिए जिनके कारण वे अपना मन वापस पा लेने की बात कहती है? गोपिया श्री कृष्ण से सच्चे मन से प्रेम करती हैं और उनकी विरह की आग में व्याकुल है। ऐसे में उन्हें स्वयं आकर गोपियों से मिलकर उनकी विरह की व्... 1
- गोपियों के अनुसार राजा का धर्म क्या होना चाहिए? गोपियों के अनुसार राजा का धर्म प्रजा की रक्षा व कल्याण करना होना चाहिए। उसे अपनी प्रजा को कष्ट नहीं देना चाहिए। गोपिया कहती है कि श्री कृष्ण... 1
- प्रस्तुत पदों के आधार पर गोपियों का योग साधना के प्रति दृष्टिकोण स्पष्ट करें। गोपियों के लिए योग साधना बिल्कुल निरर्थक है। उनके लिए यह कड़वी ककड़ी के समान है और अरुचिकर है। वह उनके कानों को कष्ट देने वाली प्रतीत होती ह... 1
- गोपियों ने उद्धव से योग की शिक्षा कैसे लोगों को देने की बात कही है? गोपियों के अनुसार उनका मन श्री कृष्ण के प्रेम भाव में लिप्त है। वे एक निष्ठभाव से श्री कृष्ण से प्रेम करती हैं। इसलिए उनके मन में किसी प्रका... 1
- कृष्ण के प्रति अपने अनन्य प्रेम को गोपियों ने किस प्रकार अभिव्यक्त किया है? गोपियों के मन में श्री कृष्ण के प्रति सच्चा प्रेम था। जिस प्रकार हारिल पक्षी सदा ही अपने पंजों में लकड़ी को पकड़े रहता है और उसे जीवन का आधा... 1
- 'मरजादा न लही' के माध्यम से कौन सी मर्यादा न रहने की बात की जा रही है? इस कथन के माध्यम से स्पष्ट किया है कि प्रेम की मर्यादा यह है कि प्रेमी और प्रेमिका दोनों प्रेम के नियमों का पालन करें। किंतु श्री कृष्ण ने ग... 1
- उद्धव द्वारा दिए गए योग संदेश ने गोपियों की विरहाग्नि में घी का काम कैसे किया? श्री कृष्ण के मथुरा गमन के पश्चात गोपियाँ विरह की आग में जलती रही। उन्हें आशा थी कि एक न एक दिन श्री कृष्ण अवश्य लौट आएँगे, किंतु उसी समय उद... 1
- गोपियों ने किन-किन उदाहरणों के माध्यम से उद्धव को उलहाने दिए हैं? गोपियाँ कहती हैं कि हमारी प्रेम भावना हमारे मन में ही रह गई हैं। हम अपने मन की भावना श्री कृष्ण को बताना चाहती थी लेकिन उनका योग संदेश सुनकर... 1
- उद्धव के व्यवहार की तुलना किससे की गई है? गोपियाँ श्री कृष्ण से प्रेम करती हैं। अब श्री कृष्ण मथुरा चले गए हैं। वे उनके विरह में पीड़ित हैं । उद्धव श्री कृष्ण का मित्र बनकर गोपियों क... 1
- गोपियों द्वारा उद्धव को भाग्यवान कहने में क्या व्यंग्य निहित है? गोपियों के मन में श्री कृष्ण के प्रति एक निस्वार्थ प्रेम की भावना थी। वह अपना सब कुछ श्री कृष्ण के प्रेम में त्याग चुकी थी। उनकी प्रेम निष्ठ... 1