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- कवि ने ‘छाया मत छूना' कविता में कठिन यथार्थ के पूजन की बात क्यों की है? कवि गिरिजा कुमार माथुर ने कविता 'छाया मत छूना' में यथार्थ को पूजने की बात इसलिए कही है। क्योंकि वर्तमान समय में वास्तविकताओं का सामना करके ह... 1
- छाया मत छूना' में कवि 'छाया' किसे कहता है और क्यों? कवि गिरिजा कुमार माथुर 'छाया' विगत समय में बीती हुई स्मृतियों को कहते हैं, जो अनेक बार वर्तमान समय में भी मानव-मस्तिष्क में छाई रहती हैं। ये... 1
- माँ ने बेटी को क्या-क्या सीख दी? माँ ने बेटी को सीख देते हुए कहा कि उसे कभी भी अपनी सुंदरता पर रीझना नहीं चाहिए क्योंकि वह उसकी कमजोरी बन जाएगी। माँ ने उसे यह भी सीख दी कि उ... 1
- माँ को अपनी बेटी अंतिम पूँजी क्यों लग रही थी? माँ को अपनी बेटी सच्ची सहेली की भाँति लगती है क्योंकि वह उसके हर सुख दुख की साथी होती है। माँ बेटी के साथ हर प्रकार की बात कर लेती है। बेटी... 1
- "पाठिका थी वह धुँधले प्रकाश की, कुछ तुकों और कुछ लयबद्ध पंक्तियों की" इन पंक्तियों को पढ़कर लड़की की लड़कियाँ सरल स्वभाव की होती है वह छल कपट पूर्ण व्यवहार को नहीं जानती। वह समाज के अनुभवों से अनभिज्ञ होती है। माँ अपने जीवन में प्राप्त अनुभव... 1
- ' आग रोटियाँ सेंकने के लिए है, जलने के लिए नहीं ' क) इन पंक्तियों में समाज में स्त्री के किस स्थिति की ओर क) इन पंक्तियों में समाज में स्त्री के किस स्थिति की ओर संकेत किया गया है? इन पंक्तियों में कवि ने समाज में विवाहित नारी की दशा की ओर संकेत... 1
- आपके विचार से माँ ने ऐसा क्यों कहा कि लड़की होना पर लड़की जैसी दिखाई मत देना? माँ के इन शब्दों में लाक्षणिकता विद्यमान है। लड़की होने का तात्पर्य है कि उसमें कोमलता, सुंदरता, सहनशीलता, ममता, माधुर्यता आदि स्वाभाविक गुण... 1
- कविता में व्यक्त दुख के कारणों को स्पष्ट कीजिए। इस कविता में दुख का कारण अतीत की सुखद यादों को बताया गया है। मनुष्य के जीवन में जब थोड़ा सा भी दुख आता है तो वह वर्तमान जीवन की तुलना अतीत स... 1
- मृगतृष्णा किसे कहते हैं, कविता में इसका प्रयोग किस अर्थ में हुआ है? मृगतृष्णा का साधारण अर्थ है भ्रम या धोखा। गर्मी के मौसम में सूर्य की किरणें रेगिस्तान की रेत पर चमकता हुआ जल प्रतीत होती हैं और प्यासा मृग ध... 1
- छाया शब्द यहाँ किस संदर्भ में प्रयुक्त हुआ है? कवि ने उसे छूने के लिए क्यों मना किया है? कविता में छाया शब्द अतीत की यादों के लिए प्रयोग हुआ है जो अब वास्तविकता से दूर हो गई हैं। इसलिए अतीत अर्थात स्मृतियों रूपी छायाएँ अनुभव करने... 1
- भाव स्पष्ट कीजिए प्रभुता का शरण-बिंब केवल मृगतृष्णा है,हर चंद्रिका में छिपी एक रात कृष्णा है। अपने भूतकाल की कीर्तियों पर किसी बड़प्पन का अहसास किसी मृगमरीचिका की तरह है। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि हर चाँद के पीछे एक काली रात छिपी होत... 1
- कवि ने कठिन यथार्थ के पूजन की बात क्यों कही है? यथार्थ का पूजन करके अर्थात यथार्थ को स्वीकार करके ही मनुष्य जीवन में आगे बढ़ा जा सकता है। मनुष्य को वास्तविकता का सामना करना पड़ता है। मनुष्... 1
- भाव स्पष्ट कीजिए -रूपांतरण है सूरज की किरणों कासिमटा हुआ संकोच है हवा की थिरकन का! प्रस्तुत पंक्तियों का तात्पर्य यह है कि फसल के लिए सूरज की किरणें तथा हवा दोनों का प्रमुख योगदान है। वातावरण के ये दोनों अवयव ही फसल के योगद... 1
- फसल को 'हाथों के स्पर्श की गरिमा' और 'महिमा' कहकर कवि क्या व्यक्त करना चाहता है? कवि बताना चाहता है कि फसल पैदा करने के लिए घर के सभी व्यक्तियों को परिश्रम करना पड़ता है। किसान का पूरा परिवार फसल को उत्पन्न करने में जुटा... 1
- कविता में फसल उपजाने के लिए आवश्यक तत्वों की बात कही गई है। वे आवश्यक तत्व कौन कौन से हैं? कवि के अनुसार फसल के आवश्यक तत्व हवा, पानी, मिट्टी, बीज, खाद्य, सूर्य की किरणें आदि हैं। 2
- कवि के अनुसार फसल क्या है? कवि के अनुसार फसल अनेक नदियों के पानी का जादू, करोड़ों लोगों के हाथों का स्पर्श, परिश्रम तथा भूरी काली संदली मिट्टी का गुण धर्म है। मिट्टी म... 1
- छू गया तुमसे कि झरने लग पड़े शेफालिका के फूल बाँस था कि बबूल? कवि को ऐसा लगता है कि उस बच्चे के निश्छल चेहरे में वह जादू है कि उसको छू लेने से बाँस या बबूल से भी शेफालिका के फूल झरने लगते हैं। 1
- छोड़कर तालाब मेरी झोंपड़ी में खिल रहे जलजात। बच्चे के धूल धूसरित गालों को देखकर कवि को लगता है कि तालाब को छोड़कर कमल का फूल उस झोंपड़ी में खिल गया हो। 1
- कवि ने बच्चे की मुस्कान के सौंदर्य को किन-किन बिंबों के माध्यम से व्यक्त किया है? i) बच्चे की मुस्कान से मृतक भी प्राणवान हो जाता है। ii) बच्चे की मुस्कान ऐसे लगती है मानो कमल का फूल झोपड़ी में खिला हुआ है। iii) बच्चे की म... 1
- बच्चे की मुस्कान और एक बड़े व्यक्ति की मुस्कान में क्या अंतर है? बच्चे की मुस्कान निश्छल एवं स्वाभाविक होती है। उसके मन में किसी भी प्रकार का छल-कपट नहीं होता। किन्तु बड़े व्यक्ति की मुस्कान में छल कपट व द... 1
- बच्चे की दंतुरित मुस्कान का कवि के मन पर क्या प्रभाव पड़ता है? बच्चे की दंतुरित मुस्कान को देखकर कवि का मन प्रसन्न हो उठता है। उसके निराश और उदास मन में पुनः स्फूर्ति आ जाती है। कवि को ऐसा लगता है, मानो... 1
- इन कविताओं के आधार पर निराला के काव्य-शिल्प की विशेषताएँ लिखिए। इन कविताओं के आधार पर निराला जी ने अपनी भाषा में मधुर शब्दावली की योजना, संगीतात्मकता, लाक्षणिकता तथा प्रकृति का मानवीकरण दिखाया है। बादल नि... 1
- फागुन में ऐसा क्या होता है जो बाकी ऋतुओं से भिन्न होता है? फागुन मास के आने पर सभी पेड़ पौधों के झड़े हुए पत्तों के स्थान पर नए पत्ते आ जाते हैं। सर्दी की ऋतु समाप्त हो जाती है। मौसम अत्यंत आकर्षक बन... 1
- प्रस्तुत कविता में कवि ने प्रकृति की व्यापकता का वर्णन किन रूपों में किया है? कवि ने प्रकृति की शोभा को वैभवशाली बताया है क्योंकि फागुन मास में बाग बगीचे आदि सभी स्थानों के पेड़ों पर हरे-भरे पत्ते लद जाते हैं जिसमें सं... 1