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- कवि की आँख फागुन की सुंदरता से क्यों नहीं हट रही है? फागुन मास का प्राकृतिक सौंदर्य अत्यंत सुंदर है। चारों ओर हरियाली छाई हुई है। हरे-भरे पत्तों और रंग-बिरंगे फूलों से वृक्ष लदे हुए हैं। फागुन... 1
- शब्दों का ऐसा प्रयोग जिससे कविता के किसी खास भाव या दृश्य में ध्वन्यात्मक प्रभाव विद्युत छबि, वज्र, इत्यादि ऐसे शब्द हैं जिससे नाद सौंदर्य का भाव मिलता है। 2
- कविता में बादल किन किन अर्थों की ओर संकेत करता है? कविता में बादल कल्पनाशक्ति और क्रांति की भावना की ओर संकेत करता है। बादल पीड़ित लोगों की आशाओं और जन-जन के मन में उत्साह और संघर्ष का भाव भर... 1
- कविता का शीर्षक 'उत्साह' क्यों रखा गया है? प्रस्तुत कविता एक आह्वान गीत है। कवि बादल से गरजने के लिए कहता है। गरजन बादल की शक्ति को व्यक्त करता है। इसलिए कवि बादल को गरज-गरज कर प्रेरण... 1
- कवि बादल से फुहार, रिमझिम या बरसने के स्थान पर गरजने के लिए कहता है क्यों? निश्चय ही बादल अपने जल से पृथ्वी के प्राणियों की प्यास बुझाता है और उन्हें प्रसन्न करता है। लेकिन कवि बादल को गरजने के लिए इसलिए कहता है ताक... 1
- कवि ने जो सुख का स्वपन देखा था उसे कविता में किस रूप में अभिव्यक्त किया है? कवि ने जो सुख का स्वप्न देखा था वह उसे प्राप्त नहीं कर पाया। वह स्वप्न अधूरा रह गया किंतु उस स्वप्न की स्मृति उसके मन की गहराइयों में बसी है... 1
- आत्मकथ्य कविता की काव्यभाषा की विशेषताएँ उदाहरण सहित लिखिए। 'आत्मकथ्य' एक छायावादी कविता है जिसमें कवि ने संस्कृतनिष्ठ भाषा का प्रयोग किया है। कवि ने इस कविता की भाषा में प्रकृति के भिन्न-भिन्न उपमानो... 1
- "उज्जवल गाथा कैसे गाऊँ, मधुर चांदनी रातों की"- कथन के माध्यम से कवि क्या कहना चाहता है? इस कथन के माध्यम से कवि ने स्पष्ट किया है कि मधुर चांदनी रात में बिताए गए क्षण निजी संपत्ति है। अतः ऐसे क्षणों को आत्मकथा में लिखना आवश्यक न... 1
- जिसके अरुण कपोलों की मतवाली सुंदर छाया में। अनुरागिणी उषा लेती थी निज सुहाग मधुमाया में। कभी कोई ऐसा भी था जिसके चेहरे को देखकर कवि को प्रेरणा मिलती थी। जैसे एक नई सुबह किसी मनुष्य को हर दिन अपने कर्म को करने के लिए उद्धत करती है... 2
- मिला कहाँ वह सुख जिसका स्वप्न देखकर मैं जाग गया। आलिंगन में आते-आते मुसक्या कर के भाग गया। उन्होंने जितना कुछ पाने की हसरत पाल रखी थी, उन्हें उतना कभी नहीं मिला। इसलिए उनके पास ऐसा कुछ भी नहीं कि जीवन की सफलताओं या उपलब्धियों की उज... 1
- स्मृति को 'पाथेय' बनाने से कवि का क्या आशय है? जिस प्रकार एक पथिक को यात्रा पूरी करने के लिए मार्ग में पाथेय की जरूरत पड़ती है। उसी प्रकार कवि ने अपनी लंबी और दुखभरी जीवन यात्रा में सुखद... 1
- आत्मकथा सुनाने के संदर्भ में 'अभी समय भी नहीं' कवि ऐसा क्यों कहता है? इस कविता के माध्यम से पता चलता है कि जयशंकर प्रसाद अत्यंत सरल स्वभाव के व्यक्ति थे। विनम्रता उनके व्यक्तित्व की प्रमुख विशेषता थी। कवि द्वार... 1
- कवि आत्मकथा लिखने से क्यों बचना चाहता है? कवि आत्मकथा लिखने से बचना चाहता है क्योंकि उसका जीवन साधारण सा रहा है। उसमें कुछ भी ऐसा महत्त्वपूर्ण नहीं है जिसे पढ़कर लोगों को सुख व आनंद... 1
- पठित कविताओं के आधार पर कवि देव की काव्यगत विशेषताएँ बताइए। कवि देव ने जीवन के सुख-दुख का वर्णन करने की अपेक्षा प्रकृति की सुंदरता का चित्रण किया है। उन्होंने श्री कृष्ण का दूल्हा रूप, वसंत को बच्चे क... 1
- तीसरे कवित्त के आधार पर बताइए कि कवि ने चाँदनी रात की उज्ज्वलता का वर्णन करने के लिए किन-किन उपमानों का प्रयोग किया है? कवि ने चाँदनी रात की उज्ज्वलता का वर्णन निम्नलिखित उपमानों के प्रयोग से किया है :i)फटिक सिलानि, ii) दही का सागर iii) दूध की झाग से बना कालीन... 1
- 'प्यारी राधिका को प्रतिबिंब सो लगत चंद'- इस पंक्ति का भाव स्पष्ट करते हुए बताएँ कि इसमें कौन सा अलंकार है? कवि को लगता है कि चाँद जो है वह राधा के प्रतिबिंब सा लग रहा है। यहाँ पर व्यतिरेक अलंकार का प्रयोग हुआ है क्योंकि चाँद को राधा न मानकर उसका प... 1
- चाँदनी रात की सुंदरता को कवि ने किन-किन रूपों में देखा है? चाँदनी रात की सुंदरता को कवि ने दही के समुद्र, दूध के झाग के कालीन, तरुणी जिसके वस्त्र मोतियों और मल्लिका फूलों से सुशोभित हैं, के रूप में द... 1
- प्रातहि जगावत गुलाब चटकारी दै' इस पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए। जब प्रातः काल में गुलाब की कलियाँ खिलती है, तब 'चट' की ध्वनि उत्पन्न होती है। कवि ने इसका प्रयोग करते हुए बसंत रूपी बालक को प्रातः जगाने के... 1
- दूसरे कवित्त के आधार पर स्पष्ट करें कि ऋतुराज वसंत के बाल रूप का वर्णन परंपरागत वसंत वर्णन से किस प्रकार भिन्न है? परंपरागत रूप में बसंत का वर्णन करते हुए कवि प्रायः ऋतु परिवर्तन की शोभा का वर्णन करते हैं। कवि रंग बिरंगे फूल, चारों ओर फैली हरियाली, नायक न... 1
- पाँयनि नूपुर मंजु बजै, कटि किंकिनि कै धुनि की मधुराई।साँवरे अंग लसै पट पीत, हिये हुलसै बनमाल सुहाई। इन पंक्तियों में कवि ने श्रृंगार रस का प्रयोग किया है। उन्होंने पायल और कमरघनी से निकलने वाले संगीत की मधुरता का चित्रण किया है। इसके बाद उन... 1
- पहले सवैया में से उन पंक्तियों को छाँटकर लिखिए जिनमें अनुप्रास और रूपक अलंकार का प्रयोग हुआ है? (परीक्षोपयोगी नहीं है) अनुप्रास अलंकार का प्रयोग निम्न पंक्तियों में हुआ है:कटि किंकिनि कै धुनि की मधुराई।साँवरे अंग लसै पट पीत, हिये हुलसै बनमाल सुहाई। रुपक अलंका... 1
- कवि ने 'श्रीब्रजदूलह' किसके लिए प्रयुक्त किया है और उन्हें संसार रूपी मंदिर का दीपक क्यों कहा है? कवि ने 'श्रीब्रजदूलह' श्री कृष्ण के लिए प्रयुक्त किया है। उन्हें संसार रूपी मंदिर दीपक इसलिए कहा है क्योंकि जिस प्रकार मंदिर का दीपक पूरे मं... 1
- निम्नलिखित पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकार पहचान कर लिखिए। (परीक्षोपयोगी नहीं है) बालकु बोलि बधौं नहि तोही। इस पंक्ति में ‘ब’ वर्ण का बार बार प्रयोग हुआ है; इसलिए यह अनुप्रास अलंकार है। कोटि कुलिस सम बचनु तुम्हारा। इस पंक्... 1
- इस पूरे प्रसंग में व्यंग्य का अनूठा सौंदर्य है। उदाहरण के साथ स्पष्ट कीजिए। प्रस्तुत पदों के अध्ययन से पता चलता है कि लक्ष्मण के कथन में गहरा व्यंग्य छिपा हुआ है। लक्ष्मण परशुराम से कहते हैं कि श्री राम ने इस धनुष को... 1