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- Show that the relation R in the set A of points in a plane, given by R: {(P, Q): Let O be the origin, then the relation R = {(P, Q): OP = OQ} (i) R is reflexive. Take any distance OP. We know OP = OP. ∴ R is reflexive. (i... 1
- Show that the relation R, defined in the set A of all triangles as R = {(T1, T2) : T1 is similar to T2} (i) In a set of triangles, R = {(T1, T2): T1 is similar to T2}, (a) A triangle T1 is similar to itself. R is reflexive. (b) If triangle T1 i... 1
- Show that the relation R, defined in the set A of all polygons as R = {(P1, P2) : P1 and P2 Let n be the number of sides of a polygon P1. R = {(P1, P2): P1 and P2 are n sided polygons}. (i) (a) Any polygon P1 has n sides ⇒ R is refl... 1
- Let L be the set of all the lines in XY-plane and R be the relation in L defined as R = {(L1, L2) L = Set of all the lines in XY-plane. R = {(L1, L2): L1 is parallel to L2} (i) (a) L1 is parallel to itself ⇒ R is reflexive. (b) L1 is para... 1
- Let R be the relation in the set {1, 2, 3, 4} given by R = {(1, 2), (2, 2), (1,1), (4,4), (1,3), (3, 3), (3, 2)} (b) R is reflexive and transitive but not symmetric. Explanation:: Let R be the relation with set {1,2, 3,4}, given by R = {(1,2), (2,2), (1... 1
- Let R be the relation in the set N given by R = {(a, b): a = b – 2, b > 6}. (C) (6, 8) ∈ R Explanation: According to given condition b>6 {.: option a cannot be answer and a is smaller than b therefore option d is als... 1
- अधोलिखित वैदिकक्रियापदानां स्थाने लौकिक क्रियापदानि लिखत - असति, उच्चरत्, दुहाम्। असति - भवतु उच्चरत् - उदितः जातः दुहाम् - प्रवाहयेत्। 1
- पश्येम, शृणुयाम, प्रब्रवाम इति क्रियापदानि केन इन्द्रियेण सम्बद्धानि? 'पश्येम' इति नेत्रेण, 'शृणुयाम' इति श्रोत्रेण कर्णेन वा, 'प्रब्रवाम' इति मुखेन सम्बद्धानि सन्ति। 1
- मनसः किं वैशिष्ट्यम्? मनसः इदं वैशिष्ट्यम् यत् तत् जागरणकाले, शयनकाले चापि दूरम् उदैति। तदेव ज्योतिषाम् दूरम् गमम् एकं ज्योतिः वर्तते। 1
- नमक का दारोगा पाठ-सारांश 'नमक का दारोगा' हिन्दी के सर्वश्रेष्ठ कहानीकार मुंशी प्रेमचन्द द्वारा रचित एक आदर्शवादी कहानी है, जिसमें कहानीकार ने यह प्रतिपादित किया है क... 1
- वृद्ध मुंशीजी ने वंशीधर के घर लौटने पर क्या कहा? जब वंशीधर नौकरी से निलम्बित होकर घर आए और वृद्ध मुंशीजी को यह सब पता चला तो बोले - जी चाहता है कि तुम्हारा और अपना सिर फोड़ लूँ। बहुत देर तक... 1
- 'नमक का दारोगा' किस प्रकार की कहानी है? और क्यों? 'नमक का दारोगा' प्रेमचन्द की आदर्शवादी कहानी है। जिसमें यह दिखाया गया है कि 'सत्यमेव जयते'। भले ही वंशीधर धन - बल के सम्मुख अदालत में परास्त... 1
- वृद्ध मुंशीजी वेतन की और ऊपरी आमदनी की तुलना किससे करते हैं ? और क्यों? वृद्ध मुंशीजी का मानना था कि वेतन तो पूर्णमासी का चाँद है, जो एक दिन पूरा दिखने के बाद घटना प्रारंभ हो जाता है और घटते - घटते एक दिन पूरी तर... 1
- वंशीधर के पिता किस प्रकार की नौकरी अपने पुत्र के लिए चाहते थे ? वंशीधर के पिता चाहते थे कि उनके पुत्र को ऐसी नौकरी मिले जिसमें ओहदा (पद) चाहे बड़ा न हो पर ऊपरी आमदनी पर्याप्त हो। 1
- प्रेमचन्द के लिखे प्रमुख उपन्यासों के नाम बताइए? प्रेमचन्द के लिखे उपन्यासों के नाम हैं - सेवासदन, प्रेमाश्रम, रंगभूमि, कर्मभूमि, कायाकल्प, गबन, निर्मला, गोदान, मंगलसूत्र (अपूर्ण)। 1
- प्रेमचन्द ने कुल कितनी कहानियाँ लिखीं? और उनके प्रमुख संकलन का क्या नाम है ? प्रेमचन्द ने कुल 300 कहानियाँ लिखीं जो 'मानसरोवर' के आठ भागों में संकलित हैं। 1
- कहानी में मासिक वेतन के लिए किन - किन विशेषणों का प्रयोग किया गया है ? इसके लिए आप अपनी ओर से दो - दो विशेषण कहानी में मासिक वेतन को 'पूर्णमासी का चाँद' और 'ईश्वर की देन' कहा गया है। इसके लिए दो और विशेषण हो सकते हैं 1. मुट्ठी की रेत। 2. रिसता बरतन।... 2
- भाषा की चित्रात्मकता, लोकोक्तियों एवं मुहावरों के जानदार उपयोग तथा हिन्दी - उर्दू के साझा रूप एवं बोलचाल की भाषा 1. भाषा की चित्रात्मकता। संध्या का समय था। बूढ़े मुंशीजी बैठे राम - नाम की माला जप रहे थे। इसी समय उनके द्वार पर सजा हुआ रथ आकर रुका। हरे और... 1
- न्याय के मैदान में धर्म और धन में युद्ध ठन गया। अलोपीदीन को हथकड़ी लगाकर अदालत में ले जाया गया। अलोपीदीन धनवान व्यक्ति थे। अदालत में सब उन्हीं के पक्षधर थे। अमले (कर्मचारी), वकील, मजिस्ट्र... 1
- धर्म ने धन को पैरों तले कुचल डाला। अलोपीदीन को अपने धन की शक्ति पर बड़ा विश्वास था और वे सोचते थे कि धन (रिश्वत) से किसी को भी खरीदा जा सकता है, किन्तु जब मुंशी वंशीधर ने उनकी... 1
- खेद ऐसी समझ पर! पढ़ना - लिखना सब अकारथ गया। वृद्ध मुंशी को जब यह पता चला कि उनका बेटा मुंशी वंशीधर नमक का दारोगा बनकर भी ऊपरी कमाई नहीं करता, रिश्वत नहीं लेता तो उन्हें उसकी विवेक - बु... 1
- दुनिया सोती थी, पर दुनिया की जीभ जागती थी? अलोपीदीन को जब गैर - कानूनी नमक का व्यवसाय करते पकड़ लिया गया और हथकड़ी लगाकर अदालत ले . जाया गया तो लोग तरह - तरह की आलोचनाएँ एवं टीका - टि... 2
- न्याय और नीति सब लक्ष्मी के ही खिलौने हैं। इन्हें वह जैसा चाहती हैं नचाती हैं। अलोपीदीन जानते थे कि धन की महिमा अपार है। लक्ष्मी (धन) की शक्ति से वे परिचित थे और जानते थे कि लक्ष्मी न्याय, नीति को अपनी इच्छानुसार नचा सक... 1
- तर्क ने भ्रम को पुष्ट किया। रात के समय जब नमक के दारोगा पद पर नवनियुक्त मुंशी वंशीधर की आँखें खुली तो उन्हें बैलगाड़ियों की गड़गड़ाहट और मल्लाहों का शोर सुनाई पड़ा। वे... 1