1. (आ) निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए : (8 अंक)हमने अपने जीवन में बाबू जी के रहते अभाव नहीं देखा। उनके न रहने के बाद जो कुछ मुझपर बीता, वह एक दूसरी तरह का अभाव था कि मुझे बैंक की नौकरी करनी पड़ी। लेकिन उससे पूर्व…
1. (आ) निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए : (8 अंक)
हमने अपने जीवन में बाबू जी के रहते अभाव नहीं देखा। उनके न रहने के बाद जो कुछ मुझपर बीता, वह एक दूसरी तरह का अभाव था कि मुझे बैंक की नौकरी करनी पड़ी। लेकिन उससे पूर्व बाबू जी के रहते मैं जब जन्मा था तब वे उत्तर प्रदेश में पुलिस मंत्री थे। उस समय गृहमंत्री को पुलिस मंत्री कहा जाता था। इसलिए मैं हमेशा कल्पना किया करता था कि हमारे पास ये छोटी गाड़ी नहीं, बड़ी आलीशान गाड़ी होनी चाहिए। बाबू जी प्रधानमंत्री हुए तो वहाँ जो गाड़ी थी वह थी, इंपाला शेवरलेट। उसे देख-देख बड़ा जी करता कि मौका मिले और उसे चलाऊँ। प्रधानमंत्री का लड़का था। कोई मामूली बात नहीं थी। सोचते-विचारते, कल्पना की उड़ान भरते एक दिन मौका मिल गया। धीरे-धीरे हिम्मत भी खुल गई थी ऑर्डर देने की। हमने बाबू जी के निजी सचिव से कहा–‘‘सहाय साहब, जरा ड्राइवर से कहिए, इंपाला लेकर रेजिडेंस की तरफ आ जाएँ।’’
दो मिनट में गाड़ी आकर दरवाजे पर लग गई। अनिल भैया ने कहा–‘‘मैं तो इसे चलाऊँगा नहीं। तुम्हीं चलाओ।’’
मैं आगे बढ़ा। ड्राइवर से चाभी माँगी। बोला–‘‘तुम बैठो, आराम करो, हम लोग वापस आते हैं अभी।’’
(1) कृति पूर्ण कीजिए :
(i) लेखक ने चाभी माँगकर ड्राइवर से कहा – [ ] [ ] (1)
(ii) लेखक के जीवन पर हुआ परिणाम – बाबू जी के रहते [ ] ; बाबू जी के न रहते [ ] (1)
(2) उत्तर लिखिए : (2)
(i) लेखक यह कल्पना किया करते थे – ..........
(ii) लेखक के जन्म के समय बाबू जी उत्तर प्रदेश में – ........
(3) (i) गद्यांश में उल्लेखित विलोम शब्द की जोड़ी ढूँढ़कर लिखिए : (1)
........ × ........
(ii) गद्यांश में उल्लेखित शब्दयुग्म ढूँढ़कर लिखिए : (1)
(1) ........ (2) ........
(4) ‘सादा जीवन, उच्च विचार’ इस विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। (2)