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Maharashtra SSC Hindi (Second or Third Language) Board Paper March 2025

Written board papers, 40 marks and 2 hours each: Science & Technology Part 1 and 2, Algebra, Geometry and more.

2025, March 180 minutes 80 marks Save WhatsApp

Sections

विभाग 1 – गद्य (20 अंक) 3 questions
विभाग 2 – पद्य (12 अंक) 2 questions
विभाग 3 – पूरक पठन (8 अंक) 2 questions
विभाग 4 – भाषा अध्ययन (व्याकरण) (14 अंक) 11 questions
विभाग 5 – रचना विभाग (उपयोजित लेखन) (26 अंक) 6 questions

March 2025 SSC Hindi board paper

This is the Maharashtra Board Hindi paper (Second or Third Language, paper code N 817) from March 2025. The question paper itself is in Hindi; this page gives an overview in English. It is a 3-hour paper for 80 marks, divided into five sections:

  • Prose (20 marks): activities on the textbook passages "Vah re! Hamdard" and "Imaandari ki Pratimurti", plus an unseen passage
  • Poetry (12 marks): extracts from "Bharat Mahima" and "Barashahin Jalad"
  • Supplementary reading (8 marks): "Do Laghukathaen" and the poem "Man"
  • Grammar (14 marks): parts of speech, avyay, sandhi, auxiliary and causative verbs, idioms, karak, punctuation, tense change, sentence types and correcting sentences
  • Writing (26 marks): a letter on the ill effects of mobile phones, framing questions from a passage, a report on Teachers' Day or a story, an advertisement for a drawing camp, and an essay from three topics including Chandrayaan-3

How to use it

Solve the paper on paper in 3 hours, filling the activity boxes as the board asks. Then check each answer against the model answers given, especially grammar items and the word limits for writing tasks. More Hindi practice is on the SSC Hindi questions page.

FAQs

Is this Hindi paper free?

Yes, it is free with model answers.

Is it based on the current syllabus?

Yes, it is the March 2025 paper for the current Maharashtra Board Hindi syllabus. See all SSC papers on the exam hub.

Chapters covered

Instructions

Solve on paper with a timer, then check against the solutions.

विभाग 1 – गद्य (20 अंक)

  1. 1. (अ) निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए : (8 अंक)

    आँख खुली तो मैंने अपने-आपको एक बिस्तर पर पाया। इर्द-गिर्द कुछ परिचित-अपरिचित चेहरे खड़े थे। आँख खुलते ही उनके चेहरों पर उत्सुकता की लहर दौड़ गई। मैंने कराहते हुए पूछा–‘‘मैं कहाँ हूँ ?’’

    ‘‘आप सार्वजनिक अस्पताल के प्राइवेट वार्ड में हैं। आपका ऐक्सिडेंट हो गया था। सिर्फ पैर का फ्रैक्चर हुआ है। अब घबराने की कोई बात नहीं।’’ एक चेहरा इतनी तेजी से जवाब देता है, लगता है मेरे होश आने तक वह इसलिए रुका रहा। अब मैं अपनी टाँगों की ओर देखता हूँ। मेरी एक टाँग अपनी जगह पर सही-सलामत थी और दूसरी टाँग रेत की थैली के सहारे एक स्टैंड पर लटक रही थी। मेरे दिमाग में एक नये मुहावरे का जन्म हुआ। ‘टाँग का टूटना’ यानी सार्वजनिक अस्पताल में कुछ दिन रहना। सार्वजनिक अस्पताल का खयाल आते ही मैं काँप उठा। अस्पताल वैसे ही एक खतरनाक शब्द होता है, फिर यदि उसके साथ सार्वजनिक शब्द चिपका हो तो समझो आत्मा से परमात्मा के मिलन होने का समय आ गया। अब मुझे यूँ लगा कि मेरी टाँग टूटना मात्र एक घटना है और सार्वजनिक अस्पताल में भरती होना दुर्घटना।

    (1) उत्तर लिखिए :
    (i) गद्यांश में उल्लेखित शरीर के अंग – ........ , ........ (1)
    (ii) सार्वजनिक अस्पताल में भरती होना इनके मिलन जैसा है – ........ , ........ (1)

    (2) उत्तर लिखिए : (2)
    दुर्घटना के बाद लेखक की टाँगों की अवस्था – [ ........ ] [ ........ ]

    (3) (i) गद्यांश में उल्लेखित अंग्रेजी शब्द लिखिए। (1)
    (1) ........ (2) ........
    (ii) निम्नलिखित शब्दों के लिए गद्यांश में उल्लेखित समानार्थी शब्द लिखिए : (1)
    (1) रुग्णालय – ........ (2) शक्ल – ........

    (4) सार्वजनिक रुग्णालयों की स्थिति के बारे में 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। (2)

    8 marks See answer →
  2. 1. (आ) निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए : (8 अंक)

    हमने अपने जीवन में बाबू जी के रहते अभाव नहीं देखा। उनके न रहने के बाद जो कुछ मुझपर बीता, वह एक दूसरी तरह का अभाव था कि मुझे बैंक की नौकरी करनी पड़ी। लेकिन उससे पूर्व बाबू जी के रहते मैं जब जन्मा था तब वे उत्तर प्रदेश में पुलिस मंत्री थे। उस समय गृहमंत्री को पुलिस मंत्री कहा जाता था। इसलिए मैं हमेशा कल्पना किया करता था कि हमारे पास ये छोटी गाड़ी नहीं, बड़ी आलीशान गाड़ी होनी चाहिए। बाबू जी प्रधानमंत्री हुए तो वहाँ जो गाड़ी थी वह थी, इंपाला शेवरलेट। उसे देख-देख बड़ा जी करता कि मौका मिले और उसे चलाऊँ। प्रधानमंत्री का लड़का था। कोई मामूली बात नहीं थी। सोचते-विचारते, कल्पना की उड़ान भरते एक दिन मौका मिल गया। धीरे-धीरे हिम्मत भी खुल गई थी ऑर्डर देने की। हमने बाबू जी के निजी सचिव से कहा–‘‘सहाय साहब, जरा ड्राइवर से कहिए, इंपाला लेकर रेजिडेंस की तरफ आ जाएँ।’’

    दो मिनट में गाड़ी आकर दरवाजे पर लग गई। अनिल भैया ने कहा–‘‘मैं तो इसे चलाऊँगा नहीं। तुम्हीं चलाओ।’’

    मैं आगे बढ़ा। ड्राइवर से चाभी माँगी। बोला–‘‘तुम बैठो, आराम करो, हम लोग वापस आते हैं अभी।’’

    (1) कृति पूर्ण कीजिए :
    (i) लेखक ने चाभी माँगकर ड्राइवर से कहा – [ ] [ ] (1)
    (ii) लेखक के जीवन पर हुआ परिणाम – बाबू जी के रहते [ ] ; बाबू जी के न रहते [ ] (1)

    (2) उत्तर लिखिए : (2)
    (i) लेखक यह कल्पना किया करते थे – ..........
    (ii) लेखक के जन्म के समय बाबू जी उत्तर प्रदेश में – ........

    (3) (i) गद्यांश में उल्लेखित विलोम शब्द की जोड़ी ढूँढ़कर लिखिए : (1)
    ........ × ........
    (ii) गद्यांश में उल्लेखित शब्दयुग्म ढूँढ़कर लिखिए : (1)
    (1) ........ (2) ........

    (4) ‘सादा जीवन, उच्च विचार’ इस विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। (2)

    8 marks See answer →
  3. 1. (इ) निम्नलिखित अपठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए : (4 अंक)

    परोपकार ही मानवता है, जैसा कि राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त ने लिखा है–‘वही मनुष्य है जो मनुष्य के लिए मरे।’ केवल अपने दुख-सुख की चिंता करना मानवता नहीं, पशुता है। परोपकार ही मानव को पशुता से सदय बनाता है। वस्तुतः निःस्वार्थ भावना से दूसरों का हित साधना ही परोपकार है। मनुष्य अपनी सामर्थ्य के अनुसार परोपकार कर सकता है। दूसरों के प्रति सहानुभूति करना ही परोपकार है और सहानुभूति किसी भी रूप में प्रकट की जा सकती है। किसी निर्धन की आर्थिक सहायता करना अथवा किसी असहाय की रक्षा करना परोपकार के रूप हैं। किसी पागल अथवा रोगी की सेवा-शुश्रूषा करना अथवा भूखे को अन्नदान करना भी परोपकार है। किसी को संकट से बचा लेना, किसी को कुमार्ग से हटा देना, किसी दुखी-निराश को सांत्वना देना–ये सब परोपकार के ही रूप हैं। कोई भी कार्य, जिससे किसी को लाभ पहुँचता है, परोपकार है, जो अपनी सामर्थ्य के अनुसार विभिन्न रूपों में किया जा सकता है।

    (1) कोष्ठक में दिए गए शब्दों में से उचित शब्द चुनकर तालिका पूर्ण कीजिए : (2)
    (सांत्वना, पशुता, सेवा-शुश्रूषा, मानवता, सामर्थ्य)
    (1) परोपकार ही – ........
    (2) केवल अपने सुख-दुख की चिंता करना – ........
    (3) पागल अथवा रोगी की – ........
    (4) दुखी-निराश को – ........

    (2) ‘मानवता ही सच्चा धर्म है’ विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। (2)

    4 marks See answer →

विभाग 2 – पद्य (12 अंक)

  1. 2. (अ) निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए : (6 अंक)

    विजय केवल लोहे की नहीं, धर्म की रही धरा पर धूम
    भिक्षु होकर रहते सम्राट, दया दिखलाते घर-घर घूम।
    ‘यवन’ को दिया दया का दान, चीन को मिली धर्म की दृष्टि
    मिला था स्वर्ण भूमि को रत्न, शील की सिंहल को भी सृष्टि।
    किसी का हमने छीना नहीं, प्रकृति का रहा पालना यहीं
    हमारी जन्मभूमि थी यहीं, कहीं से हम आए थे नहीं।.........
    चरित थे पूत, भुजा में शक्ति, नम्रता रही सदा संपन्न
    हृदय के गौरव में था गर्व, किसी को देख न सके विपन्न।

    (1) कृति पूर्ण कीजिए : (2)
    चरित थे → ........ ; भुजा में → ........ ; नम्रता रही → ........ ; हृदय के गौरव में → ........

    (2) उत्तर लिखिए :
    (i) पद्यांश से लय-ताल युक्त शब्द ढूँढ़कर लिखिए : (1)
    (1) ........ ........ (2) ........ ........
    (ii) निम्नलिखित प्रत्यययुक्त शब्दों के मूलशब्द पद्यांश से ढूँढ़कर लिखिए : (1)
    (1) दयालु – (2) प्राकृतिक –

    (3) उपर्युक्त पद्यांश की प्रथम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)

    6 marks See answer →
  2. 2. (आ) निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए : (6 अंक)

    घन घमंड नभ गरजत घोरा। प्रिया हीन डरपत मन मोरा॥
    दामिनि दमक रहहिं घन माहीं। खल कै प्रीति जथा थिर नाहीं॥
    बरषहिं जलद भूमि निअराएँ। जथा नवहिं बुध विद्या पाएँ॥
    बूँद अघात सहहिं गिरि कैसे। खल के बचन संत सह जैसे॥
    छुद्र नदी भरि चली तोराई। जस थोरेहुँ धन खल इतराई॥
    भूमि परत भा ढाबर पानी। जनु जीवहिं माया लपटानी॥
    समिटि-समिटि जल भरहिं तलावा। जिमि सदगुन सज्जन पहिं आवा॥
    सरिता जल जलनिधि महुँ जाई। होई अचल जिमि जिव हरि पाई॥

    (1) उत्तर लिखिए : (2)
    (i) गरजने वाले – ........
    (ii) चमकने वाली – ........
    (iii) बूँद के आघात सहने वाले – ........
    (iv) दुष्ट के वचन सहने वाले – ........

    (2) पद्यांश से ढूँढ़कर लिखिए :
    (i) निम्न अर्थ के शब्द : (1)
    (1) झुकना – ........ (2) मटमैला – ........
    (ii) उपसर्गयुक्त शब्द : (1)
    (1) ........ (2) ........

    (3) उपर्युक्त पद्यांश की अंतिम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)

    6 marks See answer →

विभाग 3 – पूरक पठन (8 अंक)

  1. 3. (अ) निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए : (4 अंक)

    आज फिर उसे साक्षात्कार के लिए जाना है। अब तक देशप्रेम, नैतिकता, शिष्टाचार, ईमानदारी पर अपने तर्कपूर्ण विचार बड़े विश्वास से रखता आया था लेकिन इसके बावजूद उसके हिस्से में सिर्फ असफलता ही आई थी।

    साक्षात्कार के लिए उपस्थित प्रतिनिधि मंडल में से एक अधिकारी ने पूछा–‘‘भ्रष्टाचार के बारे में आपकी क्या राय है ?’’

    ‘‘भ्रष्टाचार एक ऐसा कीड़ा है जो देश को घुन की तरह खा रहा है। इसने सारी सामाजिक व्यवस्था को चिंताजनक स्थिति में पहुँचा दिया है। सच कहा जाए तो यह देश के लिए कलंक है..........।’’ अधिकारियों के चेहरे पर हलकी-सी मुसकान और उत्सुकता छा गई। उसके तर्क में उन्हें रुचि महसूस होने लगी। दूसरे अधिकारी ने प्रश्न किया–‘‘रिश्वत को आप क्या मानते हैं ?’’

    ‘‘यह भ्रष्टाचार की बहन है जैसे विशेष अवसरों पर हम अपने प्रियजनों, परिचितों, मित्रों को उपहार देते हैं।

    (1) कृति पूर्ण कीजिए : (2)
    युवक के तर्कपूर्ण विचारों के विषय – [ ] [ ] [ ] [ ]

    (2) ‘‘भ्रष्टाचार एक कलंक’’ विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। (2)

    4 marks See answer →
  2. 3. (आ) निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए : (4 अंक)

    जीवन नैया
    मँझधार में डोले,
    सँभाले कौन ?

    रंग-बिरंगे
    रंग-संग लेकर
    आया फागुन।

    काँटों के बीच
    खिलखिलाता फूल
    देता प्रेरणा।

    (1) आकृति पूर्ण कीजिए :
    (i) हाइकु में उल्लेखित महीना और उसमें आने वाला त्योहार – महीना : ........ ; त्योहार : ........ (1)
    (ii) फूल की विशेषताएँ – ........ , ........ (1)

    (2) ‘कोशिश करने वालों की हार नहीं होती’ विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। (2)

    4 marks See answer →

विभाग 4 – भाषा अध्ययन (व्याकरण) (14 अंक)

  1. 4. (1) अधोरेखांकित शब्द का शब्दभेद पहचानकर लिखिए : (1)

    वे हलुवा-पूड़ी और ताजी दूध-मलाई खाते हैं।

  2. 4. (2) निम्नलिखित अव्ययों में से किसी एक अव्यय का अर्थपूर्ण वाक्य में प्रयोग कीजिए : (1)

    (i) और
    (ii) के पास

  3. 4. (3) कृति पूर्ण कीजिए : (1)

    शब्द – दिग्गज; संधि-विच्छेद – ........ + ........; संधि भेद – ........

    अथवा

    शब्द – ........; संधि-विच्छेद – सदा + एव; संधि भेद – ........

  4. 4. (4) निम्नलिखित वाक्यों में से किसी एक वाक्य की सहायक क्रिया पहचानकर उसका मूल रूप लिखिए : (1)

    (i) वे पुस्तक पकड़े न रख सके।
    (ii) अवश्य ही लोग खा-पीकर चले गए।

  5. 4. (5) निम्नलिखित में से किसी एक क्रिया का प्रथम तथा द्वितीय प्रेरणार्थक रूप लिखिए : (1)

    देखना
    तोड़ना

  6. 4. (6) निम्नलिखित मुहावरों में से किसी एक मुहावरे का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए : (1)

    (i) मुँह लाल होना
    (ii) टाँग अड़ाना

    अथवा

    अधोरेखांकित वाक्यांश के लिए कोष्ठक में दिए गए मुहावरों में से उचित मुहावरे का चयन करके वाक्य फिर से लिखिए :

    (तिलमिला जाना, काँप उठना)

    पंडित बुद्धिराम काकी को देखते ही क्रोध में आ गए।

  7. 4. (7) निम्नलिखित वाक्यों में प्रयुक्त कारकों में से कोई एक कारक पहचानकर उसका भेद लिखिए : (1)

    (i) चाची अपने कमरे से निकल गयी थी।
    (ii) कुछ समय के लिए विश्राम मिल जाता है।

    कारक चिह्न | कारक भेद

  8. 4. (8) निम्नलिखित वाक्य में यथास्थान उचित विराम-चिह्नों का प्रयोग करके वाक्य फिर से लिखिए : (1)

    जल्दी जल्दी पैर बढ़ा

  9. 4. (9) निम्नलिखित वाक्यों में से किन्हीं दो वाक्यों का सूचना के अनुसार काल परिवर्तन करके वाक्य फिर से लिखिए : (2)

    (i) आराम हराम हुआ है। (अपूर्ण वर्तमानकाल)
    (ii) वे बाजार से नई पुस्तक खरीदते हैं। (पूर्ण भूतकाल)
    (iii) मैंने खिड़की से गरदन निकालकर झिड़की के स्वर में कहा। (सामान्य भविष्यकाल)

    2 marks See answer →
  10. 4. (10) (i) निम्नलिखित वाक्य का रचना के आधार पर भेद पहचानकर लिखिए : (1)

    वह बूढ़ी काकी पर झपटी और उन्हें हाथों से झटककर बोली।

    (ii) निम्नलिखित वाक्यों में से किसी एक वाक्य का अर्थ के आधार पर दी गई सूचनानुसार परिवर्तन कीजिए : (1)

    (1) मैं आज रात का खाना नहीं खाऊँगा। (विधानार्थक वाक्य)
    (2) मानू इतना ही बोल सकी। (प्रश्नार्थक वाक्य)

    2 marks See answer →
  11. 4. (11) निम्नलिखित वाक्यों में से किन्हीं दो वाक्यों को शुद्ध करके वाक्य फिर से लिखिए : (2)

    (i) लक्ष्मी का एक झूब्बेदार पूँछ था।
    (ii) घर में तख्ते के रखे जाने का आवाज आता है।
    (iii) सामने शेर देखकर यात्री का प्राण मानो मुरझा गया।

    2 marks See answer →

विभाग 5 – रचना विभाग (उपयोजित लेखन) (26 अंक)

  1. 5. (अ) (1) पत्रलेखन : (5 अंक) (सूचना :– आवश्यकतानुसार परिच्छेद में लेखन अपेक्षित है।)

    रोहन/रोहिणी चौगुले, 42, विट्ठल नगर, पंढरपूर से अपने छोटे भाई सोमेश चौगुले, म. फुले छात्रावास, अहमदनगर को मोबाईल के दुष्परिणामों को समझाते हुए पत्र लिखता/लिखती है।

    अथवा

    कल्पेश/कल्पना पाटेकर, 99, शिवालय चौक, इगतपुरी से अपनी गलत जन्मतिथि को सुधार करने हेतु प्रधानाचार्य, स्व. भैरोमल तलवाणी विद्यालय, नासिक को पत्र लिखता/लिखती है।

    5 marks See answer →
  2. 5. (अ) (2) निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर ऐसे चार प्रश्न तैयार कीजिए, जिनके उत्तर गद्यांश में एक-एक वाक्य में हों : (4)

    भारतीय वायुसेना की एक प्रशिक्षणार्थी डॉ. कु. गीता घोष ने उस दिन यह छलाँग लगाकर भारतीय महिलाओं की प्रगति के इतिहास में एक पन्ना और जोड़ दिया था। डॉ. घोष पहली भारतीय महिला हैं, जिन्होंने वायुयान से छतरी द्वारा उतरने का साहसिक अभियान किया था।

    छतरी से उतरने का प्रशिक्षण पूरा करने के लिए हर छाताधारी को सात बार छतरी से उतरना पड़ता है। इनमें से पहली कूद तो रोमांचित होती ही है, वह कूद और भी रोमांचक होती है, जब उसे रात के अँधेरे में कहीं जंगल में अकेले उतरना होता है। डॉ. गीता न पहली कूद में घबराईं, न अन्य कूदों में और इसी प्रकार सातों कूदें उन्होंने सफलतापूर्वक पूरी कर लीं। प्रशिक्षण के दौरान उनका यह कथन कि ‘मैं चाहती हूँ, जल्दी ये कूदें खत्म हों और मैं पूर्ण सफल छाताधारी बन जाऊँ’, उनकी उमंग तथा उत्साह को प्रकट करता है। डॉ. गीता के अनुसार, उनकी डॉक्टरी शिक्षा भी इसी अभियान में काम आई। फिर लगन और नए क्षेत्र में प्रवेश का उत्साह हो तो कौन-सा काम कठिन रह जाता है। प्रशिक्षण से पूर्व तो उन्हें और भी कठिन परीक्षाओं के दौर से गुजरना पड़ा था।

    4 marks See answer →
  3. 5. (आ) (1) वृत्तांत लेखन : (5 अंक)

    सरस्वती विद्यालय, कोल्हापुर में मनाए गए ‘शिक्षक दिवस’ समारोह का 70 से 80 शब्दों में वृत्तांत लेखन कीजिए।

    (वृत्तांत में स्थल, काल, घटना का उल्लेख होना अनिवार्य है)

    5 marks See answer →
  4. 5. (आ) (1) अथवा – कहानी लेखन : (5 अंक)

    निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 70 से 80 शब्दों में कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए :

    किसान के घर में चोर – घबराना – पत्नी की युक्ति – जोर-जोर से कहना – रुपए-गहने घर के पिछवाड़े बंजर जमीन में छिपा दिए हैं – चोर का बंजर जमीन खोदना – कुछ न मिलना – किसान का खुश होना।

    5 marks See answer →
  5. 5. (आ) (2) विज्ञापन लेखन : (5 अंक)

    निम्नलिखित जानकारी के आधार पर 50 से 60 शब्दों में विज्ञापन तैयार कीजिए :

    चित्रकला शिविर → उद्‌घाटक, समय/स्थान, विशेषताएँ, संपर्क/पता

    5 marks See answer →
  6. 5. (इ) निबंध लेखन : (7 अंक)

    निम्नलिखित विषयों में से किसी एक विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए :

    (1) किसान की आत्मकथा
    (2) भारत का चंद्रयान मिशन-3
    (3) चाँदनी रात की सैर।

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