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3. (अ) निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए : (4 अंक)आज फिर उसे साक्षात्कार के लिए जाना है। अब तक देशप्रेम, नैतिकता, शिष्टाचार, ईमानदारी पर अपने तर्कपूर्ण विचार बड़े विश्वास से रखता आया था लेकिन इसके बावजूद उसके हिस्से…

3. (अ) निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए : (4 अंक)

आज फिर उसे साक्षात्कार के लिए जाना है। अब तक देशप्रेम, नैतिकता, शिष्टाचार, ईमानदारी पर अपने तर्कपूर्ण विचार बड़े विश्वास से रखता आया था लेकिन इसके बावजूद उसके हिस्से में सिर्फ असफलता ही आई थी।

साक्षात्कार के लिए उपस्थित प्रतिनिधि मंडल में से एक अधिकारी ने पूछा–‘‘भ्रष्टाचार के बारे में आपकी क्या राय है ?’’

‘‘भ्रष्टाचार एक ऐसा कीड़ा है जो देश को घुन की तरह खा रहा है। इसने सारी सामाजिक व्यवस्था को चिंताजनक स्थिति में पहुँचा दिया है। सच कहा जाए तो यह देश के लिए कलंक है..........।’’ अधिकारियों के चेहरे पर हलकी-सी मुसकान और उत्सुकता छा गई। उसके तर्क में उन्हें रुचि महसूस होने लगी। दूसरे अधिकारी ने प्रश्न किया–‘‘रिश्वत को आप क्या मानते हैं ?’’

‘‘यह भ्रष्टाचार की बहन है जैसे विशेष अवसरों पर हम अपने प्रियजनों, परिचितों, मित्रों को उपहार देते हैं।

(1) कृति पूर्ण कीजिए : (2)
युवक के तर्कपूर्ण विचारों के विषय – [ ] [ ] [ ] [ ]

(2) ‘‘भ्रष्टाचार एक कलंक’’ विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। (2)

1 answer

Best answer

(1) देशप्रेम, नैतिकता, शिष्टाचार, ईमानदारी

(2) भ्रष्टाचार देश के विकास में सबसे बड़ी बाधा और समाज पर कलंक है। रिश्वत, कालाबाजारी, कर-चोरी से गरीबों का हक छिनता है और योग्य लोगों को अवसर नहीं मिलता। इसे मिटाने के लिए कड़े कानून, पारदर्शी व्यवस्था और सबसे बढ़कर हर नागरिक की ईमानदारी आवश्यक है। ‘न रिश्वत लेंगे, न देंगे’ – यही संकल्प लेना चाहिए।

Doubtly AI · 24 Oct 2026 AI-verified · Oct 2026 Report
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