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1. (इ) निम्नलिखित अपठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए : (4 अंक)साक्षात्कारकर्ता : आपकी और रुचियाँ क्या हैं ?प्रीति : खाना-पीना, गप्पें मारना, काम करना – नशे की तरह। संगीत तो है ही, मन को शांति मिलती है इससे! और मैं खूब पढ़ती हूँ…

1. (इ) निम्नलिखित अपठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए : (4 अंक)

साक्षात्कारकर्ता : आपकी और रुचियाँ क्या हैं ?

प्रीति : खाना-पीना, गप्पें मारना, काम करना – नशे की तरह। संगीत तो है ही, मन को शांति मिलती है इससे! और मैं खूब पढ़ती हूँ – जीवनियाँ, आत्मकथाएँ, उपन्यास, विज्ञान–सब कुछ !

साक्षात्कारकर्ता : (आश्चर्यचकित स्वर में) पर कैसे ? आपके आदर्श (Icon) कौन थे ?

प्रीति : कंप्यूटर पर। मैं हेलेन केलर की बहुत आभारी हूँ जिन्होंने दृष्टिहीनों के लिए पढ़ना-लिखना सुलभ कर दिया। मैं ‘गीता’ और ‘सुखमनी साहब’ का पाठ भी करती हूँ। परिवार हमेशा मेरे साथ रहा है। पिता ने सिखाया – अपने से नीचे देखोगे तो सुखी रहोगे। तुम्हारे पास सब कुछ है। पशु-पक्षी, पेड़-पौधे, पूरी प्रकृति क्या ये कम आदर्श हैं सुखमय जीवन जीने के लिए!

(1) संजाल पूर्ण कीजिए : (2)
[केंद्र में ‘‘प्रीति मोंगा जी ये खूब पढ़ती थीं’’ तथा उसके चारों ओर चार रिक्त कोष्ठक]

(2) सुखमय जीवन के बारे में 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। (2)

1 answer

Best answer

(1) जीवनियाँ, आत्मकथाएँ, उपन्यास, विज्ञान (अन्य : गीता, सुखमनी साहब)

(2) सुखमय जीवन वह है जिसमें मन शांत रहे और संतोष हो। अपने से नीचे के लोगों को देखकर कृतज्ञता रखें, प्रकृति और पशु-पक्षियों से प्रेम करें, अच्छा साहित्य पढ़ें तथा परिवार का साथ रखें। बड़ी-बड़ी वस्तुओं की लालसा छोड़कर छोटी-छोटी खुशियाँ मानने में ही सच्चा सुख है।

Doubtly AI · 25 Oct 2026 AI-verified · Oct 2026 Report
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