2. (अ) निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए : (6 अंक)किसी का हमने छीना नहीं, प्रकृति का रहा पालना यहींहमारी जन्मभूमि थी यहीं, कहीं से हम आए थे नहीं।.........चरित थे पूत, भुजा में शक्ति, नम्रता रही सदा संपन्नहृदय के गौरव…
2. (अ) निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए : (6 अंक)
किसी का हमने छीना नहीं, प्रकृति का रहा पालना यहीं
हमारी जन्मभूमि थी यहीं, कहीं से हम आए थे नहीं।.........
चरित थे पूत, भुजा में शक्ति, नम्रता रही सदा संपन्न
हृदय के गौरव में था गर्व, किसी को देख न सके विपन्न।
हमारे संचय में था दान, अतिथि थे सदा हमारे देव
वचन में सत्य, हृदय में तेज, प्रतिज्ञा में रहती थी टेव।
वही है रक्त, वही है देश, वही सहास है, वैसा ज्ञान
वही है शांति, वही है शक्ति, वही हम दिव्य आर्य संतान।
जिएँ तो सदा इसी के लिए, यही अभिमान रहे यह हर्ष
निछावर कर दें हम सर्वस्व, हमारा प्यारा भारतवर्ष।
(1) उत्तर लिखिए : (2)
[तालिका : वचन में | संचय में | भुजा में | प्रतिज्ञा में — नीचे चार रिक्त स्थान]
(2) (i) पद्यांश से विलोम शब्द की जोड़ी ढूँढ़कर लिखिए : (1)
........ × ........
(ii) निम्नलिखित शब्दों के वचन पहचानकर लिखिए : (1)
(1) भारत — ........ (2) भुजाएँ — ........
(3) उपर्युक्त पद्यांश की अंतिम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)