हमारे मोहल्ले में एक बार एक व्यक्ति परीक्षा देने निकला तो सामने से बिल्ली ने रास्ता काट दिया। उसकी माँ ने कहा कि यह अशुभ है, थोड़ी देर रुककर जाओ। वह रुक गया, बस छूट गई और वह परीक्षा केंद्र पर देर से पहुँचा। बाद में सबने कहा कि बिल्ली के कारण ही उसका पेपर बिगड़ा।
विचार करें तो यह मान्यता पूरी तरह आधारहीन है। बिल्ली अपने भोजन की तलाश में इधर-उधर घूमती है; उसके रास्ता काटने और हमारे काम बनने-बिगड़ने के बीच कोई कारण-परिणाम का संबंध नहीं है। वास्तव में नुकसान रुकने के कारण हुआ, बिल्ली के कारण नहीं। ऐसे अंधविश्वास का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है; ये डर और सुनी-सुनाई बातों से फैलते हैं। हमें हर घटना को तर्क और विज्ञान की कसौटी पर परखना चाहिए। जिस तरह ‘रीढ़ की हड्डी’ में जायचा मिलाने की बात पर व्यंग्य किया गया है, उसी तरह हमें भी अंधविश्वास छोड़कर विवेक से निर्णय लेने चाहिए।