वाचन (पढ़ना) ज्ञान प्राप्त करने का सबसे सरल और सस्ता साधन है । पुस्तकें, समाचारपत्र और पत्रिकाएँ पढ़कर हम इतिहास, विज्ञान, समाज और संसार के बारे में घर बैठे जान सकते हैं । महान लोगों के विचार और अनुभव पुस्तकों के माध्यम से ही हम तक पहुँचते हैं ।
वाचन केवल ज्ञान ही नहीं, आनंद भी देता है । अच्छी कहानी, उपन्यास या कविता पढ़ते समय हम उसके पात्रों के साथ हँसते-रोते हैं और हमारी कल्पना शक्ति बढ़ती है । अमृतलाल नागर जी भी कहते हैं कि आरंभ में उनके सामने कोई आदर्श नहीं था, ‘केवल आनंद था पढ़ने का’; इसी वाचन ने उन्हें महान लेखक बनाया ।
नियमित वाचन से भाषा समृद्ध होती है, सोचने-समझने की शक्ति बढ़ती है और अकेलापन दूर होता है । इसलिए हमें प्रतिदिन कुछ समय अच्छी पुस्तकें पढ़ने के लिए अवश्य निकालना चाहिए ।