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Lakshmi Chapter 2 Notes, Summary, Questions - Class 10 SSC Hindi

Doubtly 1 min read Updated 25 Oct 2026 Save WhatsApp
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यह पाठ एक संवादात्मक कहानी है जिसके लेखक सुप्रसिद्ध कहानीकार गुरुबचन सिंह जी हैं। इस कहानी में लेखक ने दिए गए वचन के प्रति जिम्मेदारी और प्राणिमात्र के प्रति दया की भावना व्यक्त करते हुए पशुप्रेम को दर्शाया है।

रचनाकार परिचय

सुप्रसिद्ध कहानीकार गुरुबचन सिंह जी ने साहित्य के अनेक क्षेत्रों में मुक्त लेखन किया है। आपकी भाषा सरल और प्रवाही है, जिसके कारण आपका साहित्य रोचक बन पड़ा है।

सारांश

ज्ञान सिंह ने तीन बरस पहले एक जर्सी गाय खरीदी थी जिसका नाम लक्ष्मी रखा था। नौकरी से अवकाश के बाद ज्ञान सिंह को कंपनी का मकान खाली करना था और वह लक्ष्मी को साथ ले जाने या बेचने में असमर्थ था, इसलिए अवकाश से दस-पंद्रह दिन पहले उसने करामत अली से पूछकर वह गाय उसे सौंप दी थी, और करामत अली पिछले एक वर्ष से उसकी सेवा कर रहा था।

एक दिन करामत अली के बेटे रहमान ने तैश में आकर लक्ष्मी की पीठ पर चार डंडे बरसा दिए जिससे वह बहुत भयभीत हो गई। जब करामत अली को इसका पता चला तो वह अस्वस्थ होते हुए भी बथान में गया, लक्ष्मी को पुचकारा और उसकी पीठ पर रोगन लगवाया। करामत अली और उसकी पत्नी रमजानी के बीच इस बात पर चर्चा होने लगी कि बूढ़ी और दूध न देने वाली गाय का खर्च कैसे उठाया जाए।

रमजानी के कहने पर रहमान एक दिन लक्ष्मी को इलाके से बाहर नाले के पास छोड़ आया ताकि वह घास खा सके, लेकिन लक्ष्मी कुछ ही देर बाद वापस घर के सामने आ खड़ी हुई क्योंकि उसने एक अन्य व्यक्ति की गाय का चारा खा लिया था। इसके बाद रहमान एक व्यक्ति को ले आया जो उस बूढ़ी गाय को खरीदकर कसाईखाने या बेचने के इरादे से ले जाना चाहता था। करामत अली ने यह पहचान लिया और उस व्यक्ति को कोरा जवाब देकर भगा दिया।

अंततः, करामत अली ने लक्ष्मी के गले से रस्सी खोली और उसे अपने साथ सड़क पर लेकर चल पड़ा। वह उसे गऊशाला में ले जाकर भरती कराने का निर्णय करता है ताकि वहाँ वह इत्मीनान से रह सके।

माइंड मैप

लक्ष्मी

  • ज्ञान सिंह और लक्ष्मी
    • तीन बरस पहले खरीदी जर्सी गाय
    • कारखाने में करामत अली का पड़ोसी
    • अवकाश के समय करामत को सौंपना
  • रहमान का कृत्य
    • तैश में आकर पीठ पर डंडे बरसाना
    • लक्ष्मी का भयभीत होना
    • करामत अली का दुःखी होना
  • घर की समस्या
    • गाय द्वारा दूध देना बंद करना
    • महँगाई के जमाने में चारे का खर्च
    • रमजानी और रहमान द्वारा बेचने का दबाव
  • अंतिम निर्णय
    • कसाई को बेचने से साफ मना करना
    • गऊशाला ले जाने का निश्चय
    • आँखों में आँसू भरकर आगे बढ़ना

घटनाओं का क्रम

  1. ज्ञान सिंह द्वारा करामत अली को जर्सी गाय सौंपना
  2. रहमान द्वारा क्रोध में आकर लक्ष्मी को पीटना
  3. करामत अली का लक्ष्मी की पीठ पर रोगन लगाना
  4. रमजानी द्वारा चारे के खर्च और पैसे की चिंता जताना
  5. रहमान द्वारा लक्ष्मी को नाले के पास छोड़कर आना
  6. गाय खरीदने वाले व्यक्ति को करामत द्वारा भगाना
  7. करामत अली का लक्ष्मी को गऊशाला ले जाना

पात्र परिचय

पात्रविशेषताएँ
करामत अलीदयालु, कर्तव्यनिष्ठ, वचनों का पक्का, पशुओं से प्रेम करने वाला और मानवतावादी व्यक्ति।
रमजानीकरामत अली की पत्नी, व्यावहारिक, महँगाई और खर्च को लेकर चिंतित रहने वाली।
रहमानकरामत अली का बेटा, कभी-कभी आवेश (तैश) में आने वाला और नासमझी दिखाने वाला।
ज्ञान सिंहकरामत अली का पूर्व पड़ोसी, मवेशी प्रेमी और करामत का मित्र।

विषय और संदेश

प्राणिमात्र के प्रति दया और पशुप्रेम

पाठ यह संदेश देता है कि मूक प्राणियों के प्रति हमारे मन में करुणा होनी चाहिए। उपयोगिता समाप्त हो जाने पर भी बेजुबान जानवरों का पालन-पोषण करना ही सच्ची मानवता है।

दिए गए वचन का पालन

करामत अली अपने मित्र ज्ञान सिंह को दी गई जुबान और भरोसे का मान रखता है, और गाय को कसाई के हाथों बेचने से इनकार कर देता है।

याद रखने योग्य मुख्य बिंदु

  • लक्ष्मी ज्ञान सिंह द्वारा दी गई जर्सी गाय थी जो अब बूढ़ी हो चुकी थी और दूध देना बंद कर चुकी थी।
  • रहमान की मार से लक्ष्मी की पीठ पर जख्म हो गए थे जिन पर करामत अली ने रोगन लगवाया।
  • करामत अली ने गाय को कसाई को बेचने से साफ मना कर दिया क्योंकि वह जानता था कि वह उसे टुकड़े-टुकड़े बिकने के लिए ले जाएगा।
  • अंत में करामत अली ने उस बूढ़ी गाय को दो किलोमीटर दूर गऊशाला में पहुँचाने का निर्णय किया।

शब्दार्थ

शब्दअर्थ
बथानपालतू गाय-बैल के रहने का स्थान (Cattle shed)
मवेशीकृषिकार्य में उपयुक्त तथा दुधारू पशु (Cattle / Livestock)
दर्राअनाज के अंश (Crushed grain / Grist)
हौकादीर्घ निःश्वास / गहरी साँस (Deep sigh)
पुआलधान के सूखे डंठल, जिनमें से दाने निकाल दिए गए हों (Straw)
खलीतेल निकल जाने के बाद तिलहन का बचा हुआ हिस्सा जो मवेशी खाते हैं (Oilcake)
काँजी हाउससरकारी मवेशीखाना जिसमें लावारिस पशु बंद किए जाते हैं (Pound / Animal shelter)
तैशआवेश / गुस्सा (Anger / Passion)

महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

Q1. करामत अली लक्ष्मी की पीठ पर हाथ फेरकर क्यों बड़बड़ाया?

करामत अली ने देखा कि रहमान ने बेदर्दी से लक्ष्मी को पीटा है। उसकी पीठ पर चोट के निशान देखकर उसे दया आई और वह बड़बड़ाया कि रहमान बड़ा मूर्ख है और उम्र के साथ लक्ष्मी भी बूढ़ी हो गई है।

Q2. ज्ञान सिंह ने करामत अली को गाय क्यों सौंपी थी?

ज्ञान सिंह को मवेशी पालने का शौक था और उसने तीन बरस पहले जर्सी गाय खरीदी थी जिसका नाम लक्ष्मी था। नौकरी से अवकाश के बाद उसे कंपनी का मकान खाली करना था और वह लक्ष्मी को न तो बेच सकता था और न ही साथ ले जा सकता था, इसलिए उसने करामत अली को वह गाय सौंप दी।

Q3. करामत अली ने गाय खरीदने आए व्यक्ति को कोरा जवाब क्यों दे दिया?

करामत अली जानता था कि वह व्यक्ति गाय को ले जाकर ऐसी जगह बेच आएगा जहाँ वह टुकड़े-टुकड़े होकर बिक जाएगी। इसके अलावा, वह अपने मित्र ज्ञान सिंह को दिए गए वचन और उसकी भावनाओं का सम्मान करना चाहता था।

Q4. करामत अली लक्ष्मी को अंततः कहाँ ले गया?

करामत अली लक्ष्मी की रस्सी पकड़कर उसे सड़क पर ले आया और दो किलोमीटर दूर गऊशाला में भरती कराने के लिए ले गया, जहाँ वह इत्मीनान से रह सकती थी।

Q5. परिच्छेद के आधार पर संजाल पूर्ण कीजिए: 'ज्ञान सिंह संबंधी जानकारी' लिखिए।

ज्ञान सिंह संबंधी जानकारी: १. मवेशी पालने का बहुत शौक था। २. उसने तीन बरस पहले एक जर्सी गाय खरीदी थी। ३. वह करामत अली का पड़ोसी था और कारखाने में एक ही विभाग में काम करता था।

Q6. कारण लिखिए: करामत अली लक्ष्मी के लिए सानी तैयार करने लगा।

कारण: करामत अली जब रात की ड्यूटी से घर लौटा तो उसने देखा कि रमजानी और रहमान ने दूध न देने के कारण लक्ष्मी को चारा नहीं दिया था। गाय को भूखा न देख पाने के कारण उसने खुद कटा हुआ पुआल, खली और दर्रा मिलाकर सानी तैयार की।

Q7. मुहावरे का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए: 'गला भर आना'।

अर्थ: भाव विह्वल होना या आवाज भर आना। वाक्य: गऊशाला जाते समय लक्ष्मी को विदा करते हुए करामत अली का गला भर आया।

Q8. पालतू जानवरों के साथ किए जाने वाले सौहार्दपूर्ण व्यवहार के बारे में अपने विचार लिखिए।

पालतू जानवर हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। वे मूक और भावनाशील होते हैं। हमें उनके साथ परिवार के सदस्य जैसा प्रेमपूर्ण और दयालु व्यवहार करना चाहिए। जब वे बूढ़े या अनुपयोगी हो जाएं, तब भी हमें उनकी देखभाल करनी चाहिए, न कि उन्हें बेसहारा छोड़ना चाहिए।

परीक्षा टिप्स

  • पाठ के लेखक 'गुरुबचन सिंह' का नाम और पाठ की विधा 'संवादात्मक कहानी' अच्छी तरह याद रखें।
  • शब्द-संसार (विशेषकर कठिन शब्दों के अर्थ और मुहावरे) से संबंधित प्रश्न बोर्ड परीक्षा में अक्सर पूछे जाते हैं, अतः उनका अभ्यास करें।
  • पात्रों (करामत अली, रमजानी, रहमान, ज्ञान सिंह) के स्वभाव और भूमिका से जुड़े कारणों को स्पष्ट रूप से तैयार करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस पाठ के लेखक कौन हैं?

इस पाठ के लेखक सुप्रसिद्ध कहानीकार गुरुबचन सिंह जी हैं।

गाय का नाम क्या था?

गाय का नाम लक्ष्मी था।

करामत अली ने लक्ष्मी को अंत में कहाँ पहुँचाया?

करामत अली ने लक्ष्मी को दो किलोमीटर दूर गऊशाला में पहुँचाया।

ये नोट्स बालभारती हिंदी लोकभारती पाठ्यपुस्तक (2026-27) से AI की सहायता से तैयार किए गए हैं और पाठ्यपुस्तक से जाँचे गए हैं।

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