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Man (Purak Pathan) Notes, Summary, Questions | Class 10 Hindi SSC

Doubtly 1 min read Updated 25 Oct 2026 Save WhatsApp
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यह पाठ हिंदी लोकभारती (कक्षा १०) का पूरक पठन है, जिसके रचनाकार विकास परिहार हैं। यह पाठ जापानी कविता विधा 'हाइकु' पर आधारित है जिसमें सीमित शब्दों में गहरे अर्थ और जीवन के विभिन्न अनुभवों को दर्शाया गया है।

रचनाकार परिचय

विकास परिहार का जन्म १९८३ में गुना, मध्य प्रदेश में हुआ। आपने २००० से २००६ तक भारतीय वायुसेना में सेवा देने के बाद पत्रकारिता, रेडियो और नाट्य गतिविधियों में अपना योगदान दिया।

सारांश

प्रस्तुत पाठ में कवि विकास परिहार ने हाइकु विधा के माध्यम से जीवन के विभिन्न सत्यों और भावनाओं को उजागर किया है। हाइकु विश्व की सबसे छोटी कविता विधा है जो जापान से आई है और ५+७+५ = १७ वर्णों के ढाँचे में लिखी जाती है।

कवि बताते हैं कि अंधेरे के बाद ही प्रकाश चमकता है और हमें बिना फल की चिंता किए निरंतर कर्म करते रहना चाहिए। जीवन की कठिनाइयों और मझधार में डोलती नैया को संभालने की प्रेरणा इन पंक्तियों से मिलती है। फागुन का महीना अपने साथ रंग-बिरंगे रंग लेकर आता है और काँटों के बीच खिलखिलाता फूल हमें प्रेरणा देता है।

मन के भीतर छिपी कुंठा जब आँसुओं के रूप में बाहर आती है और खारे जल से विषाद धुल जाते हैं, तब मन पावन हो जाता है। मृत्यु जैसे कठिन समय में भी जीवन को जीना और विष पीना ही सच्ची जिजीविषा है।

रेल की पटरियाँ हमेशा साथ चलती हैं फिर भी मौन रहती हैं। बादलों की ओट में सितारे छिप जाते हैं जिससे आकाश सूना हो जाता है। जिन गीतों को स्वर दिया जाता है वे अमर हो जाते हैं और सागर में रहकर भी मछली प्यासी ही रहती है।

माइंड मैप

मन (हाइकु)

  • रचनाकार
    • विकास परिहार
    • जन्म १९८३, गुना (म.प्र.)
  • हाइकु विधा
    • जापानी कविता विधा
    • ५+७+५ = १७ वर्ण ढाँचा
  • मुख्य विषय
    • कर्म और प्रेरणा
    • मानवी भावनाएँ और पीड़ा
  • प्रकृति चित्रण
    • फागुन और फूल
    • बादल, सितारे और सागर

हाइकु संग्रह के मुख्य चरण

  1. अंधेरे और प्रकाश के माध्यम से जीवन की वास्तविकता का दर्शन
  2. फल कीेक्षा किए बिना केवल कर्म करते जाने का संदेश
  3. फागुन के रंगों और काँटों के बीच खिलखिलाते फूल की प्रेरणा
  4. मन की कुंठा और आंसुओं के जरिए आंतरिक शुद्धि
  5. रेल की पटरियों और बादलों की ओट में छिपे सितारों का वर्णन
  6. संगीत की अमरता और सागर में रहकर भी मछली की प्यास का विरोधाभास

विषय और संदेश

कर्म प्रधान जीवन

मनुष्य को फल की चिंता किए बिना अपना पूरा जीवन केवल कर्म करते रहने में बिताना चाहिए।

मानवीय भावनाएँ और पीड़ा

मन की कुंठा और दुख जब आँसुओं के रास्ते बाहर आते हैं, तब मन स्वच्छ और पवित्र हो जाता है।

जीवन संघर्ष और जिजीविषा

कठिन परिस्थितियों और मृत्यु जैसी अवस्था में भी जीवन जीने की इच्छा बनाए रखना ही जिजीविषा है।

याद रखने योग्य मुख्य बिंदु

  • हाइकु जापान की एक लोकप्रिय और सबसे छोटी काव्य विधा है।
  • हाइकु कविता ५, ७ और ५ यानी कुल १७ वर्णों के निश्चित ढाँचे में रची जाती है।
  • इन हाइकुओं के माध्यम से कवि ने सीमित और अर्थवाही शब्दों में गहरे जीवन अनुभव प्रस्तुत किए हैं।

शब्दार्थ

शब्दअर्थ
मँझधारनदी के प्रवाह का मध्यभाग (middle of the river stream)
कुंठाघोर निराशा (frustration / depression)
विषादअभिलाषा पूरी न होने पर मन में होने वाला दुख (grief / sorrow)
जिजीविषाजीने की इच्छा (will to live)
ओटआड़ या छिपाव (shelter / concealment)
पावनपवित्र (pure)

अलंकार और काव्य सौंदर्य

अलंकार/विशेषताउदाहरणस्पष्टीकरण
प्रतीक योजनाकाँटों के बीच खिलखिलाता फूलकठिन परिस्थितियों में भी प्रसन्न रहने का प्रतीक।
मानवीकरणचलतीं साथ पटरियाँ रेल की फिर भी मौनरेल की पटरियों को साथ चलने और मौن रहने वाले मानवीय गुणों से जोड़ा गया है।

महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

Q1. हाइकु कविता विधा के बारे में संक्षेप में लिखिए।

हाइकु जापान की एक लोकप्रिय काव्य विधा है जिसे विश्व की सबसे छोटी कविता कहा जाता है। यह ५+७+५ = १७ वर्णों के निश्चित ढाँचे में लिखी जाती है।

Q2. उचित जोड़ियाँ मिलाइए: (१) मछली - प्यासी, (२) मौन - रेल की पटरियाँ, (३) गीतों के स्वर - अमर, (४) आकाश - सूना।

मछली - प्यासी, मौन - रेल की पटरियाँ, गीतों के स्वर - अमर, आकाश - सूना।

Q3. परिणाम लिखिए: सितारों का छिपना।

सितारों के छिपने का परिणाम आकाश का सूना होना है।

Q4. परिणाम लिखिए: तुम्हारा गीतों को स्वर देना।

गीतों को स्वर देने का परिणाम उनका अमर होना है।

Q5. काव्य पंक्तियों का केंद्रीय भाव स्पष्ट कीजिए: 'भीतरी कुंठा / आँखों के द्‌वार से / आई बाहर।'

इसका केंद्रीय भाव यह है कि मन में दबी हुई घोर निराशा या कुंठा जब आंसुओं के रूप में आँखों से बाहर निकल जाती है, तब मन हल्का और पवित्र हो जाता है।

Q6. जिजीविषा शब्द से क्या तात्पर्य है?

जिजीविषा का अर्थ जीवन के प्रति आसक्ति या जीने की तीव्र इच्छा है। मृत्यु जैसे कठिन यथार्थ को स्वीकार करते हुए जीवन जीना ही जिजीविषा है।

Q7. काँटों के बीच खिलखिलाता फूल क्या प्रेरणा देता है?

काँटों रूपी संकटों और कठिनाइयों के बीच खिलखिलाता फूल हमें यह प्रेरणा देता है कि जीवन की हर परिस्थिति में हमें प्रसन्न रहना चाहिए और संघर्ष करना चाहिए।

Q8. निम्नलिखित हाइकु द्वारा मिलने वाला संदेश अपने शब्दों में लिखिए: 'करते जाओ / पाने की मत सोचो / जीवन सारा।'

इस हाइकु का संदेश यह है कि मनुष्य को अपने पूरे जीवन में केवल निष्काम भाव से कर्म करते रहना चाहिए, फल की अपेक्षा कभी नहीं करनी चाहिए।

परीक्षा टिप्स

  • हाइकु कविता के वर्णों की गिनती (५+७+५) और उसकी परिभाषा अच्छे से याद रखें।
  • शब्द संसार (शब्दार्थ) परीक्षा में जोड़ियाँ मिलाने या अर्थ लिखने के लिए पूछे जाते हैं, अतः उन्हें पक्का करें।
  • प्रत्येक हाइकु का केंद्रीय भाव अपने शब्दों में स्पष्ट करने का अभ्यास करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हाइकु किस देश की कविता विधा है?

हाइकु जापान की लोकप्रिय कविता विधा है।

हाइकु कविता में कुल कितने वर्ण होते हैं?

हाइकु कविता में कुल १७ वर्ण होते हैं जिनका ढांचा ५+७+५ होता है।

इस पाठ के रचनाकार कौन हैं?

इस पाठ के रचनाकार विकास परिहार हैं।

ये नोट्स बालभारती हिंदी लोकभारती पाठ्यपुस्तक (2026-27) से AI की सहायता से तैयार किए गए हैं और पाठ्यपुस्तक से जाँचे गए हैं।

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