2. (अ) निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए : (6 अंक)फागुन के दिन चार होरी खेल मना रे।बिन करताल पखावज बाजे, अणहद की झनकार रे।बिन सुर राग छतीसूँ गावै, रोम-रोम रणकार रे॥सील संतोख की केसर घोली, प्रेम-प्रीत पिचकार रे।उड़त ग…
2. (अ) निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए : (6 अंक)
फागुन के दिन चार होरी खेल मना रे।
बिन करताल पखावज बाजे, अणहद की झनकार रे।
बिन सुर राग छतीसूँ गावै, रोम-रोम रणकार रे॥
सील संतोख की केसर घोली, प्रेम-प्रीत पिचकार रे।
उड़त गुलाल लाल भयो अंबर, बरसत रंग अपार रे॥
घट के पट सब खोल दिए हैं, लोकलाज सब डार रे।
‘मीरा’ के प्रभु गिरिधर नागर, चरण कँवल बलिहार रे॥
(1) एक शब्द में उत्तर लिखिए : (2)
(i) फागुन के इतने दिन – .........................
(ii) आकाश इस रंग का हुआ – .........................
(iii) करताल पखावज के बिना निर्माण नाद – .........................
(iv) मीरा के प्रभु का नाम – .........................
(2) पद्यांश में प्रयुक्त निम्नलिखित शब्दों के अर्थ लिखिए : (2)
(i) अंबर – .........................
(ii) कँवल – .........................
(iii) होरी – .........................
(iv) संतोख – .........................
(3) अंतिम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)