1. (आ) निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए : (8 अंक)आश्रम किसी एक धर्म से चिपका नहीं होगा। सभी धर्म आश्रम को मान्य होंगे, अत: सामान्य सदाचार, भक्ति तथा सेवा का ही वातावरण रहेगा। आश्रम में स्वावलंबन हो सके उतना ही रखना…
1. (आ) निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए : (8 अंक)
आश्रम किसी एक धर्म से चिपका नहीं होगा। सभी धर्म आश्रम को मान्य होंगे, अत: सामान्य सदाचार, भक्ति तथा सेवा का ही वातावरण रहेगा। आश्रम में स्वावलंबन हो सके उतना ही रखना चाहिए। सादगी का आग्रह होना चाहिए। आरंभ में पढ़ाई या उद्योग की व्यवस्था भले न हो सके लेकिन आगे चलकर उपयोगी उद्योग सिखाए जाएँ। पढ़ाई भी आसान हो। आश्रम शिक्षासंस्था नहीं होगी लेकिन कलह और कुटुम्ब से मुक्त स्वतंत्र वातावरण जहाँ हो ऐसा मानवतापूर्ण आश्रयस्थान होगा, जहाँ परेशान महिलाएँ बेखटके अपने खर्च से रह सकें और अपने जीवन का सदुपयोग पवित्र सेवा में कर सकें। ऐसा आसान आदर्श रखा हो और व्यवस्था पर समिति का झंझट न हो तो बहन सुंदर तरीके से चला सके ऐसा एक बड़ा काम होगा। उनके ऊपर ऐसा बोझ नहीं आएगा जिससे कि उन्हें परेशानी हो।
संस्था चलाने का भार तो आने वाली बहनें ही उठा सकेंगी क्योंकि उनमें कई तो कुशल होंगी। बहन उनको संगीत की, भक्ति की तथा प्रेमयुक्त सलाह की खुराक दें। आगे चलकर संस्था की जमीन पर छोटे-छोटे मकान बनाए जाएँगे और उसमें संस्था के नियम के अधीन रहकर आने वाली महिलाएँ दो-दो, चार-चार का परिवार चलाएँगी, ऐसी संस्थाएँ मैंने देखी हैं।
(i) आकृति पूर्ण कीजिए : (2)
[आकृति : ऊपर ‘आश्रम का वातावरण निर्धारित करने वाले घटक’ तथा उसके नीचे चार रिक्त कोष्ठक]
(ii) उत्तर लिखिए : (2)
(a) संस्था चलाने का भार ये उठाएँगी– ............
(b) आश्रम इससे मुक्त हो– ............
(iii) (a) गद्यांश से कृदंत शब्द ढूँढ़कर लिखिए : (1)
(1) ............ (2) ............
(b) गद्यांश से समानार्थी शब्द ढूँढ़कर लिखिए : (1)
(1) शुरुआत ............ (2) घर ............
(iv) ‘महिला आश्रम की आवश्यकता’ इस विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। (2)