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Maharashtra SSC Hindi (Second or Third Language) Board Paper June 2026
Written board papers, 40 marks and 2 hours each: Science & Technology Part 1 and 2, Algebra, Geometry and more.
Sections
| विभाग 1 – गद्य : 20 अंक | 3 questions | |
| विभाग 2 – पद्य : 12 अंक | 2 questions | |
| विभाग 3 – पूरक पठन : 8 अंक | 2 questions | |
| विभाग 4 – भाषा अध्ययन (व्याकरण) : 14 अंक | 11 questions | |
| विभाग 5 – रचना विभाग (उपयोजित लेखन) : 26 अंक | 6 questions |
Chapters covered
Instructions
विभाग 1 – गद्य : 20 अंक
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1. (अ) निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए : (8 अंक)
रामस्वरूप : वहाँ बैठ जाओ उमा, उस तख्त पर, अपने बाजे-वाजे के पास। (उमा बैठती है।)
गो. प्रसाद : चाल में तो कुछ खराबी है नहीं। चेहरे पर भी छवि है। ......... हाँ, कुछ गाना-बजाना सीखा है ?
रामस्वरूप : जी हाँ सितार भी और बाजा भी। सुनाओ तो उमा एकाध गीत सितार के साथ। [उमा सितार पर मीरा का मशहूर भजन ‘मेरे तो गिरिधर गोपाल’ गाना शुरू कर देती है। उसकी आँखें शंकर की झेंपती-सी आँखों से मिल जाती हैं और वह गाते-गाते एक साथ रुक जाती है।]रामस्वरूप : क्यों, क्या हुआ ? गाने को पूरा करो उमा।
गो. प्रसाद : नहीं-नहीं साहब, काफी है। आपकी लड़की अच्छा गाती है। (उमा सितार रखकर अंदर जाने को बढ़ती है।)
गो. प्रसाद : अभी ठहरो, बेटी!
रामस्वरूप : थोड़ा और बैठी रहो उमा! (उमा बैठती है।)
गो. प्रसाद : (उमा से) तो तुमने पेंटिंग-वेटिंग भी सीखी है ? (उमा चुप)
रामस्वरूप : हाँ, वह तो मैं आपको बताना भूल ही गया। यह जो तस्वीर टँगी हुई है, कुत्तेवाली, इसी ने बनाई है और वह उस दीवार पर भी।
गो. प्रसाद : हूँ। यह तो बहुत अच्छा है। और सिलाई वगैरह ?
रामस्वरूप : सिलाई तो सारे घर की इसी के जिम्मे रहती है, यहाँ तक कि मेरी कमीजें भी। हँ-हँ-हँ!गो. प्रसाद : ठीक।.... लेकिन, हाँ बेटी, तुमने कुछ इनाम-विनाम भी जीते थे ? [उमा चुप। रामस्वरूप इशारे के लिए खाँसते हैं लेकिन उमा चुप है, उसी तरह गरदन झुकाए। गोपाल प्रसाद अधीर हो उठते हैं और रामस्वरूप सकपकाते हैं।]
रामस्वरूप : जवाब दो, उमा। (गोपाल से) हँ-हँ, जरा शरमाती है। इनाम तो इसने—
गो. प्रसाद : (जरा रूखी आवाज में) जरा इसे भी तो मुँह खोलना चाहिए।
रामस्वरूप : उमा, देखो, आप क्या कह रहे हैं। जवाब दो न।
उमा : (हल्की लेकिन मजबूत आवाज में) क्या जवाब दूँ बाबू जी! जब कुर्सी-मेज बिकती है तब दुकानदार कुर्सी-मेज से कुछ नहीं पूछता सिर्फ खरीददार को दिखला देता है। पसंद आ गई तो अच्छा है, वरना—(i) संजाल पूर्ण कीजिए : (2)
[संजाल : केंद्र में ‘उमा की विशेषताएँ’ तथा उसके चारों ओर चार रिक्त कोष्ठक](ii) एक शब्द में उत्तर लिखिए : (2)
(a) दीवार पर टँगी तस्वीर– ............ (b) उमा यहाँ बैठी– ............(iii) गद्यांश में से ढूँढ़कर लिखिए :
(a) शब्द-युग्म : (1)
(1) ............ (2) ............
(b) विलोम शब्द : (1)
(1) सवाल × ............ (2) नापसंद × ............(iv) ‘नारी अबला नहीं, सबला है’ विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। (2)
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1. (आ) निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए : (8 अंक)
आश्रम किसी एक धर्म से चिपका नहीं होगा। सभी धर्म आश्रम को मान्य होंगे, अत: सामान्य सदाचार, भक्ति तथा सेवा का ही वातावरण रहेगा। आश्रम में स्वावलंबन हो सके उतना ही रखना चाहिए। सादगी का आग्रह होना चाहिए। आरंभ में पढ़ाई या उद्योग की व्यवस्था भले न हो सके लेकिन आगे चलकर उपयोगी उद्योग सिखाए जाएँ। पढ़ाई भी आसान हो। आश्रम शिक्षासंस्था नहीं होगी लेकिन कलह और कुटुम्ब से मुक्त स्वतंत्र वातावरण जहाँ हो ऐसा मानवतापूर्ण आश्रयस्थान होगा, जहाँ परेशान महिलाएँ बेखटके अपने खर्च से रह सकें और अपने जीवन का सदुपयोग पवित्र सेवा में कर सकें। ऐसा आसान आदर्श रखा हो और व्यवस्था पर समिति का झंझट न हो तो बहन सुंदर तरीके से चला सके ऐसा एक बड़ा काम होगा। उनके ऊपर ऐसा बोझ नहीं आएगा जिससे कि उन्हें परेशानी हो।
संस्था चलाने का भार तो आने वाली बहनें ही उठा सकेंगी क्योंकि उनमें कई तो कुशल होंगी। बहन उनको संगीत की, भक्ति की तथा प्रेमयुक्त सलाह की खुराक दें। आगे चलकर संस्था की जमीन पर छोटे-छोटे मकान बनाए जाएँगे और उसमें संस्था के नियम के अधीन रहकर आने वाली महिलाएँ दो-दो, चार-चार का परिवार चलाएँगी, ऐसी संस्थाएँ मैंने देखी हैं।
(i) आकृति पूर्ण कीजिए : (2)
[आकृति : ऊपर ‘आश्रम का वातावरण निर्धारित करने वाले घटक’ तथा उसके नीचे चार रिक्त कोष्ठक](ii) उत्तर लिखिए : (2)
(a) संस्था चलाने का भार ये उठाएँगी– ............
(b) आश्रम इससे मुक्त हो– ............(iii) (a) गद्यांश से कृदंत शब्द ढूँढ़कर लिखिए : (1)
(1) ............ (2) ............
(b) गद्यांश से समानार्थी शब्द ढूँढ़कर लिखिए : (1)
(1) शुरुआत ............ (2) घर ............(iv) ‘महिला आश्रम की आवश्यकता’ इस विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। (2)
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1. (इ) निम्नलिखित अपठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए : (4 अंक)
अजय रोज की तरह सीटी बजाता हुआ घर में घुसा। लेकिन दरवाजे पर ही उसकी साँस जैसे अटककर रह गई। बरामदे में एक बड़ा-सा अल्सेशियन कुत्ता बैठा था, जो बिलकुल शेर की तरह लग रहा था।
‘मम्मी......!’ उसने दरवाजे के बाहर खड़े होकर जोर से आवाज दी। उसकी आवाज के साथ ही मम्मी बाहर आई। पीछे-पीछे पापा और राय अंकल भी थे। साथ में जो थीं, शायद राय आंटी थीं।
‘अरे अजय! डरते नहीं बेटा’, अंकल ने कहा : ‘यह काटता थोड़े ही है। आओ, इससे तुम्हारी दोस्ती करा दें। जाली! कम हियर ............ शेक हैंड्स विद अजय।’
जाली उनके पास आया। उसने अपना दाहिना पंजा उठाया। अजय की डर के मारे जान निकली जा रही थी। पर मेहमानों के सामने रोब बनाए रखने के लिए उसने अपना हाथ धीरे से जाली की तरफ बढ़ा दिया।
(i) कृति पूर्ण कीजिए : (2)
[आकृति : ऊपर ‘गद्यांश में उल्लिखित पात्र’ तथा उसके नीचे चार रिक्त कोष्ठक](ii) ‘जानवरों के प्रति स्नेह’ विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। (2)
विभाग 2 – पद्य : 12 अंक
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2. (अ) निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए : (6 अंक)
चरित थे पूत, भुजा में शक्ति, नम्रता रही सदा संपन्न
हृदय के गौरव में था गर्व, किसी को देख न सके विपन्न।
हमारे संचय में था दान, अतिथि थे सदा हमारे देव
वचन में सत्य, हृदय में तेज, प्रतिज्ञा में रहती थी टेव।
वही है रक्त, वही है देश, वही साहस है, वैसा ज्ञान
वही है शांति, वही है शक्ति, वही हम दिव्य आर्य संतान।
जिएँ तो सदा इसी के लिए, यही अभिमान रहे यह हर्ष
निछावर कर दें हम सर्वस्व, हमारा प्यारा भारतवर्ष।(i) प्रवाह तालिका पूर्ण कीजिए : (2)
[प्रवाह तालिका : ‘भारतीयों की विशेषताएँ’ के नीचे पाँच क्रमिक रिक्त कोष्ठक](ii) (a) पद्यांश में प्रयुक्त ऐसे शब्द जिनका अर्थ निम्न शब्द हो : (1)
(1) मेहमान ............ (2) आनंद ............
(b) लिंग पहचानकर लिखिए : (1)
(1) शक्ति ............ (2) अभिमान ............(iii) पद्यांश में से प्रथम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)
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2. (आ) निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए : (6 अंक)
दादुर धुनि चहुँ दिसा सुहाई। बेद पढ़हिं जनु बटु समुदाई॥
नव पल्लव भए बिटप अनेका। साधक मन जस मिले बिबेका॥
अर्क-जवास पात बिनु भयउ। जस सुराज खल उद्यम गयउ॥
खोजत कतहुँ मिलइ नहिं धूरी। करइ क्रोध जिमि धरमहिं दूरी॥
ससि संपन्न सोह महि कैसी। उपकारी कै संपति जैसी॥
निसि तम घन खद्योत बिराजा। जनु दंभिहिं कर मिला समाजा॥
कृषी निरावहिं चतुर किसाना। जिमि बुध तजहिं मोह-मद-माना॥
देखिअत चक्रबाक खग नाहीं। कलिहिं पाइ जिमि धर्म पराहीं॥(i) उत्तर लिखिए : (2)
[आकृति : ‘पद्यांश से ढूँढ़कर लिखिए’ के नीचे चार शीर्ष – उभयचर प्राणी, वनस्पति, उपग्रह, कीटक – तथा उनके नीचे चार रिक्त स्थान](ii) (a) पर्यायवाची शब्द : (1)
(1) मन ............ (2) क्रोध ............
(b) वचन पहचानकर लिखिए : (1)
(1) दिशाएँ ............ (2) ध्वनि ............(iii) पद्यांश में से अंतिम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)
विभाग 3 – पूरक पठन : 8 अंक
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3. (अ) निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए : (4 अंक)
रूपा को अपनी स्वार्थपरता और अन्याय इस प्रकार प्रत्यक्ष रूप में कभी न दिख पड़े थे। वह सोचने लगी–‘हाय! कितनी निर्दयी हूँ! जिसकी संपत्ति से मुझे दो सौ रुपया वार्षिक आय हो रही है, उसकी यह दुर्गति! और मेरे कारण! हे दयामय भगवान! मुझसे बड़ी भारी चूक हुई है, मुझे क्षमा करो! आज मेरे बेटे का तिलक था। सैकड़ों मनुष्यों ने भोजन किया। मैं उनके इशारों की दासी बनी रही। अपने नाम के लिए सैकड़ों रुपये व्यय कर दिए परंतु जिसकी बदौलत हजारों रुपये खाए, उसे इस उत्सव में भी भरपेट भोजन न दे सकी। केवल इसी कारण कि, वह वृद्धा असहाय है।’
रूपा ने दीया जलाया, अपने भंडार का द्वार खोला और एक थाली में संपूर्ण सामग्रियाँ सजाकर बूढ़ी काकी की ओर चली।
रूपा ने कंठावरुद्ध स्वर में कहा–‘‘काकी उठो, भोजन कर लो। मुझसे आज बड़ी भूल हुई, उसका बुरा न मानना। परमात्मा से प्रार्थना कर दो कि वह मेरा अपराध क्षमा कर दे।’’
(i) आकृति में लिखिए : (2)
रूपा के कार्य–
[तालिका : (1) ............ जलाना | (2) ............ सजाना | (3) ............ चलना | (4) ............ खोलना](ii) ‘असहाय वृद्धों के साथ किए जाने वाले व्यवहार’ विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। (2)
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3. (आ) निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए : (4 अंक)
घना अंधेरा
चमकता प्रकाश
और अधिक।करते जाओ
पाने की मत सोचो
जीवन सारा।जीवन नैया
मँझधार में डोले,
सँभाले कौन ?रंग-बिरंगे
रंग-संग लेकर
आया फागुन।(i) लिखिए : (2)
(a) फागुन महीने की विशेषता– ............
(b) जीवन नैया डोले– ............(ii) ‘विपरीत परिस्थितियों से लड़ना चाहिए।’ इस विषय पर अपने विचार 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)
विभाग 4 – भाषा अध्ययन (व्याकरण) : 14 अंक
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4. (i) निम्नलिखित वाक्य में से अधोरेखांकित शब्द का शब्दभेद पहचानकर लिखिए : (1)
मैंने जल्दी से चाय पिलाई।
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4. (ii) निम्नलिखित अव्ययों में से किसी एक अव्यय का अर्थपूर्ण वाक्य में प्रयोग कीजिए : (1)
(a) क्योंकि
(b) की तरफ -
4. (iii) कृति पूर्ण कीजिए : (1)
संधि शब्द संधि-विच्छेद संधि प्रकार ............ दुः + बल ............ अथवा सज्जन ............ ............ -
4. (iv) निम्नलिखित वाक्यों में से किसी एक वाक्य की सहायक क्रिया पहचानकर उसका मूल रूप लिखिए : (1)
(a) दो-एक महीने फूल देकर अंत में वह सूख गया।
(b) बूढ़ी काकी रेंगती हुई उनके बीच में जा पहुँची।[तालिका : सहायक क्रिया | मूल क्रिया]
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4. (v) निम्नलिखित क्रियाओं में से किसी एक क्रिया का प्रथम तथा द्वितीय प्रेरणार्थक रूप लिखिए : (1)
[तालिका : क्रिया | प्रथम प्रेरणार्थक रूप | द्वितीय प्रेरणार्थक रूप]
सुनना ............ ............
उठना ............ ............ -
4. (vi) निम्नलिखित मुहावरों में से किसी एक मुहावरे का अर्थ लिखकर उचित वाक्य में प्रयोग कीजिए : (1)
(a) फूट-फूट कर रोना–
(b) गला फाड़ना–अथवा
अधोरेखांकित वाक्यांश के लिए कोष्ठक में दिए मुहावरों में से उचित मुहावरे का चयन करके वाक्य फिर से लिखिए :
(काँप उठना, तिलमिला जाना)
मन में सार्वजनिक अस्पताल का खयाल आते ही मदन भयभीत हो गया।
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4. (vii) निम्नलिखित वाक्यों में से किसी एक वाक्य में प्रयुक्त कारक पहचानकर उसका भेद लिखिए : (1)
(a) संतरी से जैसा कहा गया, उसने किया।
(b) अरे यह बुढ़िया कौन है ?[तालिका : कारक चिह्न | कारक भेद]
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4. (viii) निम्नलिखित वाक्य में यथास्थान उचित विराम-चिह्नों का प्रयोग करके वाक्य फिर से लिखिए : (1)
हाँ मेरे पास बहुत से पत्र आते हैं
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4. (ix) निम्नलिखित वाक्यों में से किन्हीं दो वाक्यों का सूचना के अनुसार काल परिवर्तन कीजिए : (2)
(a) मरीज का आराम हराम हो जाता है। (पूर्ण वर्तमानकाल)
(b) संस्था अपने आप चलेगी। (अपूर्ण भूतकाल)
(c) सरकार एक ही टैक्स लगाती है। (सामान्य भविष्यकाल) -
4. (x) (a) निम्नलिखित वाक्य का रचना के आधार पर भेद पहचानकर लिखिए : (1)
हम शरीर श्रम करना नहीं चाहते वरन उसे हीन दृष्टि से देखते हैं।
(b) निम्नलिखित वाक्यों में से किसी एक वाक्य का अर्थ के आधार पर दी गई सूचनानुसार परिवर्तन कीजिए : (1)
(1) पैसा कमाने के लिए गलत रास्ता चुनना उचित है। (प्रश्नार्थक वाक्य)
(2) कितनी निर्दयी हूँ मैं। (विस्मयार्थी वाक्य) -
4. (xi) निम्नलिखित वाक्यों में से किन्हीं दो वाक्यों को शुद्ध करके वाक्य फिर से लिखिए : (2)
(a) तख्त के रखे जाने का आवाज आता है।
(b) बेचारा भोली लड़की था।
(c) गाय बहोत दूध देता है।
विभाग 5 – रचना विभाग (उपयोजित लेखन) : 26 अंक
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5. (अ) (i) पत्रलेखन : (5 अंक) (सूचना :– आवश्यकतानुसार परिच्छेदों में लेखन अपेक्षित है।)
निम्नलिखित जानकारी के आधार पर पत्रलेखन कीजिए :
शारदा/शरद पाटील, सावरियाँ पेठ, अहमदनगर से अपने मित्र अनुजा/अनुज गजें, सदाशिव पेठ, बीड को व्यायाम का महत्त्व बताते हुए पत्र लिखती/लिखता है।
अथवा
सुजया/सुजय क्षीरसागर, सागर सदन, अमरावती से मा. शाखा अभियंता, महावितरण विभाग, अमरावती को बिजली का ज्यादा बिल कम करने हेतु शिकायत पत्र लिखती/लिखता है।
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5. (अ) (ii) गद्य आकलन – प्रश्न निर्मिति : (4 अंक)
निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर ऐसे चार प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर गद्यांश में एक-एक वाक्य में हों :
‘भारत एक विकासशील देश है, परंतु अपने बौद्धिक क्षेत्र में भारत एक पूर्ण विकसित देश है।’ एक समीक्षक की इस उक्ति के सत्य को प्रमाणित कर रहा एक जीता-जागता उदाहरण है भारत का एक प्रज्ञापुरुष, वैज्ञानिक और चिंतक रघुनाथ माशेलकर!
विज्ञान की दुनिया में आप आज के सर्वाधिक चर्चित वैज्ञानिक हैं। कभी किसी बड़े सम्मान, किसी पुरस्कार के लिए, कभी किसी वैज्ञानिक नीति को समझाते हुए तो कभी किसी पेटेंट के लिए संघर्ष करते हुए, विभिन्न क्षेत्रों के विविध समारोह के प्रमुख अतिथि या अध्यक्ष के रूप में आपका नाम निरंतर प्रसार माध्यमों में झलकता रहता है। आपके अध्यक्ष पद से भूषित अनेक ‘माशेलकर समितियों’ ने विविध सामाजिक, शैक्षिक, औषधि, ऑटोमोबाइल, वैज्ञानिक और तकनीकी क्षेत्रों की नीतियों को निर्धारित करने में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है। आप ‘भारतीय वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद’ के महानिदेशक और ‘भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी’ के अध्यक्ष तथा अनेक नामवर संस्थाओं के सदस्य रहे हैं।
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5. (आ) (i) वृत्तांत लेखन : (5 अंक)
समता विद्यालय, कांडली, परतवाड़ा में संपन्न ‘वाचन प्रेरणा दिन’ समारोह का रोचक वृत्तांत लेखन 60 से 80 शब्दों में कीजिए।
(वृत्तांत में स्थल, काल, घटना का उल्लेख होना अनिवार्य है)
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5. (आ) (i) अथवा – कहानी लेखन : (5 अंक)
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 70 से 80 शब्दों में कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए :
एक गाँव – अकाल पड़ना – खाने के लाले पड़ना – बड़े जमीनदार द्वारा खाना देना – रोटियों का ढेर – एक लड़की का छोटी रोटी उठाना – सोने का सिक्का निकलना – लड़की द्वारा सिक्का वापस करना – बड़े जमीनदार ने उसे गोद लेना – सीख।
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5. (आ) (ii) विज्ञापन लेखन : (5 अंक)
निम्नलिखित जानकारी के आधार पर 50 से 60 शब्दों में विज्ञापन तैयार कीजिए :
[चित्र : केंद्र में ‘बैंक सुरक्षा रक्षक चाहिए’ तथा उसके चारों ओर पाँच बादल – संपर्क, पता / अनुभव / वेतन / आयु सीमा / शैक्षिक अहर्ता]
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5. (इ) निबंध लेखन : (7 अंक)
निम्नलिखित विषयों में से किसी एक विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए :
(i) बाढ़ पीड़ित की आत्मकथा
(ii) कोरोना एक महामारी
(iii) यदि मोबाइल न होता तो.........