2. (आ) निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए : (6 अंक)मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरो न कोईजाके सिर मोर मुकुट, मेरो पति सोईछाँड़ि दई कुल की कानि, कहा करिहै कोई ?संतन ढिग बैठि-बैठि, लोक लाज खोई।अँसुवन जल सींचि-सींचि, प्रेम बेल…
2. (आ) निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए : (6 अंक)
मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरो न कोई
जाके सिर मोर मुकुट, मेरो पति सोई
छाँड़ि दई कुल की कानि, कहा करिहै कोई ?
संतन ढिग बैठि-बैठि, लोक लाज खोई।
अँसुवन जल सींचि-सींचि, प्रेम बेल बोई।
अब तो बेल फैल गई आणंद फल होई।।दूध की मथनियाँ बड़े प्रेम से बिलोई।
माखन जब काढ़ि लियो छाछ पिये कोई।
भगत देखि राजी हुई जगत देखि रोई।
दासी ‘मीरा’ लाल गिरिधर तारो अब मोही।।
(1) कृति पूर्ण कीजिए : (2)
(i) [ ........ ] ← कन्हैया के नाम → [ ........ ]
(ii) दूध से संबंधित पदार्थ → [ ........ ] [ ........ ]
(2) पद्यांश से ढूँढकर लिखिए : (2)
(i) इस अर्थ के शब्द – (1) निकट – ........ (2) मयूर – ........ (1)
(ii) लिंग परिवर्तन कीजिए – (1) पत्नी – ........ (2) दास – ........ (1)
(3) उपर्युक्त पद्यांश की अपनी पसंद की क्रमश: चार पंक्तियों का सरल अर्थ लिखिए। (2)