2. (आ) ‘भारत महिमा’ कविता के भाव पर आधारित निम्नलिखित अंश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए : (6 अंक)(कविता पाठ्यपुस्तक में है, इसलिए यहाँ छापी नहीं गई है; नीचे उसका भाव मौलिक शब्दों में दिया गया है।)कवि जयशंकर प्रसाद कहते हैं कि हिमालय की…
2. (आ) ‘भारत महिमा’ कविता के भाव पर आधारित निम्नलिखित अंश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए : (6 अंक)
(कविता पाठ्यपुस्तक में है, इसलिए यहाँ छापी नहीं गई है; नीचे उसका भाव मौलिक शब्दों में दिया गया है।)
कवि जयशंकर प्रसाद कहते हैं कि हिमालय की गोद में बसे भारत को उषा ने सबसे पहले अपनी किरणों का उपहार दिया और हीरों का हार पहनाकर उसका स्वागत किया। भारतवासी सबसे पहले जागे और फिर उन्होंने पूरे विश्व को ज्ञान के प्रकाश से जगाया, जिससे संसार का अंधकार दूर हुआ। भारत की विजय केवल लोहे यानी हथियारों की विजय नहीं थी; यहाँ धर्म और दया का गौरव रहा। सम्राट भी भिक्षु बनकर घर-घर घूमते और दया का संदेश देते थे। भारत ने दूसरे देशों को दया का दान और धर्म की दृष्टि दी। कवि कहते हैं कि हम कहीं बाहर से नहीं आए, यही हमारी जन्मभूमि है। हमारे वचन में सत्य और हृदय में तेज है, और हम अपने प्यारे भारतवर्ष के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने को तैयार हैं।
कविता की पहली पंक्ति : ‘हिमालय के आँगन में उसे प्रथम किरणों का दे उपहार’
(1) कृति पूर्ण कीजिए : (2)
(i) उषा ने भारत का स्वागत इस प्रकार किया – [ ........ ] [ ........ ] (1)
(ii) भारत ने दूसरे देशों को दिया – [ ........ ] [ ........ ] (1)
(2) (i) निम्नलिखित शब्दों के विलोम शब्द अंश से ढूँढकर लिखिए : (1)
(1) अंधकार × ........ (2) पराजय × ........
(ii) निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची शब्द लिखिए : (1)
(1) उषा – ........ (2) हिमालय – ........
(3) ‘भारत महिमा’ कविता से मिलने वाला संदेश 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)