3. (अ) निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए : (4 अंक)(‘बूढ़ी काकी’ कहानी के आशय पर आधारित मौलिक गद्यांश)बूढ़ी काकी के पति और जवान बेटों का देहांत हो चुका था। उन्होंने अपनी सारी जायदाद भतीजे बुद्धिराम के नाम लिख दी थी। ज…
3. (अ) निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए : (4 अंक)
(‘बूढ़ी काकी’ कहानी के आशय पर आधारित मौलिक गद्यांश)
बूढ़ी काकी के पति और जवान बेटों का देहांत हो चुका था। उन्होंने अपनी सारी जायदाद भतीजे बुद्धिराम के नाम लिख दी थी। जायदाद मिलते ही बुद्धिराम और उसकी पत्नी रूपा काकी की उपेक्षा करने लगे; काकी को भरपेट भोजन तक नहीं मिलता था। घर में केवल छोटी लाड़ली ही उनसे प्रेम करती थी।
एक दिन बुद्धिराम के बड़े बेटे मुखराम का तिलक था। पूड़ियों और कचौड़ियों की सुगंध से व्याकुल काकी मेहमानों की पंगत तक जा पहुँचीं, तो बुद्धिराम उन्हें घसीटकर कोठरी में छोड़ आया। रात को लाड़ली अपने हिस्से की पूड़ियाँ बचाकर काकी के पास ले गई। उन्हें खाकर भी काकी की भूख न मिटी और वे जूठी पत्तलों के पास बैठकर बचे हुए टुकड़े खाने लगीं। यह दृश्य देखकर रूपा का हृदय काँप उठा। उसे अपनी भूल का एहसास हुआ और वह थाली में भोजन सजाकर काकी को खिलाने ले आई।
(1) कृति पूर्ण कीजिए : (2)
(i) काकी से प्रेम करने वाली – ........
(ii) काकी को घसीटकर कोठरी में छोड़ने वाला – ........
(iii) जिसका तिलक था – ........
(iv) अपनी भूल का एहसास होने वाली – ........
(2) ‘वृद्धों की सेवा हमारा कर्तव्य है’ इस विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। (2)