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Barshahin Jalad Notes Summary Questions Class 10 SSC (बरषहिं जलद)

Doubtly 1 min read Updated 25 Oct 2026 Save WhatsApp
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यह पाठ एक पद्यांश है जो गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित महाकाव्य ‘रामचरितमानस’ के किष्किंधा कांड से लिया गया है। इस पद्यांश में वर्षा ऋतु के आगमन पर प्रकृति में होने वाले परिवर्तनों और उनके माध्यम से मानव जीवन के गुणों-दुर्गुणों का सुंदर चित्रण किया गया है।

रचनाकार परिचय

गोस्वामी तुलसीदास जी का जन्म १५११ में बाँदा (उत्तर प्रदेश) में हुआ तथा मृत्यु १६२३ में वाराणसी में हुई। आप प्रसिद्ध संत, कवि, विद्वान और चिंतक थे जिन्होंने अवधी भाषा में अनेक कालजयी ग्रंथ जैसे 'रामचरितमानस' लिखे।

सारांश

सीता हरण के पश्चात् श्री राम और लक्ष्मण सीता जी की खोज में भटक रहे हैं। वर्षा ऋतु के आगमन पर आकाश में भयंकर बादल गरजते हैं और प्रिया सीता के बिना श्री राम का मन व्याकुल और भयभीत हो जाता है।

आकाश में चमकती हुई बिजली की स्थिरता को देखकर कवि ने दुष्ट व्यक्ति की मित्रता की चंचलता की तुलना की है। वर्षा के जल से भर-भर कर तलाब ऐसे मिलते हैं जैसे सज्जनों के पास सद्गुण एकत्रित होते हैं।

वर्षा के कारण चारों दिशाओं में दादुर (मेंढक) की ध्वनि ऐसी सुनाई देती है मानो ब्रह्मचारी बटुकों का समुदाय वेद पढ़ रहा हो। पेड़ों पर नए पत्ते ऐसे दिखाई देते हैं जैसे साधक के मन में विवेक मिल गया हो।

तेज़ हवा चलने से बादल इधर-उधर बिला जाते हैं, ठीक वैसे ही जैसे कपूत के उत्पन्न होने से कुल के सद्‌धर्म नष्‍ट हो जाते हैं।

माइंड मैप

बरषहिं जलद

  • प्रकृति सौंदर्य
    • घोर गरजते बादल
    • बिजली की चमक
    • हरे-भरे पेड़ और नए पल्लव
  • मानवीय गुण और दुर्गुण
    • संतों की सहनशीलता
    • दुष्ट की अस्थिर मित्रता
    • सज्जनों के सद्गुण
  • तुलनात्मक दृश्य
    • बटुकों का वेद पढ़ना
    • कपूत से कुल का नाश
    • कुसंग और सुसंग का प्रभाव
  • कवि परिचय
    • गोस्वामी तुलसीदास
    • रचना: रामचरितमानस
    • भाषा: अवधी

वर्षा ऋतु और जीवन प्रसंग का क्रम

  1. श्री राम द्वारा आकाश में घने बादलों की गर्जना और अपनी व्यथा का अनुभव करना
  2. बिजली की चमक और दुष्ट की मित्रता की समानता देखना
  3. वर्षा के पानी से नदियों और तालाबों का भरना
  4. मेंढकों की टर्राहट से बटुकों के वेद पाठ जैसी ध्वनि का प्रतीत होना
  5. पेड़ों पर नए पल्लव और अर्क-जवास के पौधों की स्थिति
  6. तेज़ हवा से बादलों का बिलाना और कपूत के कारण कुल के धर्म का नष्‍ट होना

विषय और संदेश

प्रकृति और मानव जीवन का सामंजस्य

कवि ने वर्षा ऋतु में होने वाले प्राकृतिक बदलावों की तुलना मानव समाज के अच्छे और बुरे आचरण, गुणों और दुर्गुणों से की है।

संगति का प्रभाव

अच्छी संगति (सुसंग) से ज्ञान का विकास और बुरी संगति (कुसंग) से ज्ञान का विनाश तथा कपूत के कारण कुल की हानि को दर्शाया गया है।

याद रखने योग्य मुख्य बिंदु

  • यह पद्यांश तुलसीदास रचित 'रामचरितमानस' के किष्किंधा कांड से लिया गया है।
  • रचना की भाषा अवधी है जो जन-जन की भाषा रही है।
  • वर्षा ऋतु के बहाupnt से संतों, दुष्टों, सज्जनों और कपूतों के स्वभाव की तुलना की गई है।

शब्दार्थ

शब्दअर्थ
घोराभयंकर (terrible)
खलदुष्ट (wicked)
थिरस्थिर (stable)
नियराईनजदीक आना (coming closer)
बुधविद्वान (scholar)
ढाबरमटमैला (muddy)
जिमिजैसे (like)
बटुबालक / ब्रह्मचारी (boy / student)
विटपपेड़ / वृक्ष (tree)
अर्कमदार का वृक्ष (madar plant)
उद्यमउद्योग / प्रयास (effort)
दंभिन्हघमंडी (arrogant people)

अलंकार और काव्य सौंदर्य

अलंकार/विशेषताउदाहरणस्पष्टीकरण
उत्प्रेक्षा अलंकारबेद पढ़हिं जनु बटु समुदाईजहाँ उपमेय में उपमान की संभावना की जाए, वहाँ उत्प्रेक्षा अलंकार होता है (यहाँ मेंढकों की ध्वनि में बटुकों के वेद पाठ की संभावना की गई है)।
उपमा अलंकारखल कै प्रीति जथा थिर नाहींजहाँ दो वस्तुओं में समानता दिखाई जाए, वहाँ उपमा होती है।

महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

Q1. पद्यांश में आए प्राकृतिक जल स्रोत लिखिए।

पद्यांश में आए प्राकृतिक जल स्रोत हैं: नदी, तालाब और जलनिधि (समुद्र)।

Q2. संतों की सहनशीलता को दर्शाने वाली पंक्ति लिखिए।

संतों की सहनशीलता को दर्शाने वाली पंक्ति है: 'बूँद अघात सहिं गिरि कैसे । खल के बचन संत सह जैसे ।'

Q3. कपूत के कारण कुल की हानि को स्पष्ट करने वाली पंक्ति लिखिए।

पंक्ति है: 'कबहुँ प्रबल बह मारुत, जहँ-तहँ मेघ बिलाहिं । जिमि कपूत के उपजे, कुल सद्‌धर्म नसाहिं ।'

Q4. जोड़ियाँ मिलाइए: (१) दमकती बिजली - ? (२) नव पल्लव से भरा वृक्ष - ?

(१) दमकती बिजली - दुष्ट की मित्रता, (२) नव पल्लव से भरा वृक्ष - साधक के मन का विवेक।

Q5. पद्यांश में 'बटु समुदाय' किसे कहा गया है और क्यों?

पद्यांश में मेंढकों (दादुर) की चौतरफा गूँजती ध्वनि को 'बटु समुदाय' (ब्रह्मचारी बालकों का समूह) कहा गया है क्योंकि उनकी आवाज़ ऐसी लगती है मानो वे वेद पढ़ रहे हों।

Q6. वर्षा ऋतु में बादलों की स्थिति और राम की मनोदशा का वर्णन कीजिए।

वर्षा ऋतु में आकाश में बादल भयंकर गर्जना कर रहे हैं। माता सीता के पास न होने के कारण भगवान राम का मन भयभीत और व्याकुल हो रहा है।

Q7. बिजली की चमक और दुष्ट की मित्रता में क्या समानता बताई गई है?

आकाश में बिजली जिस प्रकार चमककर तुरंत गायब हो जाती है, उसी प्रकार दुष्ट व्यक्ति की मित्रता भी कभी स्थिर नहीं रहती।

Q8. कुसंग और सुसंग का मानव जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है?

कुसंगति (बुरी संगति) मिलने से ज्ञान का नाश हो जाता है, और सुसंगति (अच्छी संगति) मिलने से ज्ञान फिर से प्रकट हो जाता है, जैसे कभी बादल घिरने से घना अंधकार हो जाता है और कभी सूर्य प्रकट हो जाता है।

परीक्षा टिप्स

  • गोस्वामी तुलसीदास जी की रचनाओं और उनकी भाषा (अवधी) का परिचय अच्छे से याद रखें।
  • चौपाई और दोहा की पंक्तियों के अर्थ और उनकी तुलनात्मक सामाजिक विशेषताओं (जैसे संत, दुष्ट, कपूत) के प्रश्नों का अभ्यास करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यह पाठ किस ग्रंथ से लिया गया है?

यह पाठ गोस्वामी तुलसीदास रचित महाकाव्य 'रामचरितमानस' के किष्किंधा कांड से लिया गया है।

पद्यांश की भाषा कौन सी है?

पद्यांश की भाषा 'अवधी' है।

कवि ने वर्षा के जल के ठहरने की तुलना किससे की है?

कवि ने वर्षा के जल के तालाबों में एकत्र होने की तुलना सज्जनों के पास सद्गुणों के आने से की है।

ये नोट्स बालभारती हिंदी लोकभारती पाठ्यपुस्तक (2026-27) से AI की सहायता से तैयार किए गए हैं और पाठ्यपुस्तक से जाँचे गए हैं।

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