Doubtly AI
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- कारण लिखिए : २. उमा को चश्मा लगा रामस्वरूप के अनुसार पिछले महीने उमा की आँखें दुखने लगी थीं, इसलिए कुछ दिनों के लिए उसे चश्मा लगाना पड़ रहा था। 1
- कारण लिखिए : ३. रामस्वरूप ने हारमोनियम उठाकर लाने को कहा लड़के वाले उमा को देखने आने वाले थे। रामस्वरूप चाहते थे कि उमा उन्हें गाना सुनाकर अपना गुण दिखा सके, इसलिए उन्होंने रतन से बीबी जी के कमरे स... 1
- कारण लिखिए : ४. उमा को गुस्सा आया गोपाल प्रसाद उमा की जाँच-परख ऐसे कर रहे थे जैसे कोई सामान खरीद रहे हों – चाल, चेहरा, गाना, सिलाई, इनाम आदि के बारे में नाप-तौल कर रहे थे। लड... 1
- सूचनानुसार लिखिए : १. कृदंत बनाइए – पढ़ना, सीना, समझना, चाहना पढ़ना – पढ़ाई सीना – सिलाई समझना – समझ चाहना – चाह 1
- सूचनानुसार लिखिए : २. शब्दयुग्म पूर्ण कीजिए – पढ़े-......, सभा-......, पेंटिंग-......, सीधा-...... पढ़े-लिखे सभा-सोसायटी पेंटिंग-वेंटिंग सीधा-सादा 1
- अभिव्यक्ति : सुनी-पढ़ी अंधविश्वास की किसी घटना में निहित आधारहीनता और अवैज्ञानिकता का विश्लेषण करके लिखिए। हमारे मोहल्ले में एक बार एक व्यक्ति परीक्षा देने निकला तो सामने से बिल्ली ने रास्ता काट दिया। उसकी माँ ने कहा कि यह अशुभ है, थोड़ी देर रुककर... 1
- निम्नलिखित वाक्यों में आए हुए अव्ययों को रेखांकित कीजिए और उनके भेद लिखिए : १. गाय को घर के सामने खूँटे से बाँधा। २. वह उठा और घर चला गया। ३. अरे ! गऊशाला यहाँ से दो किलोमीटर दूर है। ४. वह भारी कदमों से आगे बढ़ने लगा। ५. उन्होंने मुझे धीरे-धीरे हिलान… वाक्यअव्ययभेद १के सामनेसंबंधसूचक २औरसमुच्चयबोधक ३अरेविस्मयादिबोधक ४आगेक्रियाविशेषण ५धीरे-धीरेक्रियाविशेषण ६किसमुच्चयबोधक ७वाह-वाहविस्मयादिबो... 1
- गजल की पंक्तियों का तात्पर्य लिखिए : १. नींव के अंदर दिखो २. आईना बनकर दिखो नींव के अंदर दिखो : स्वर्णिम शिखर बनकर दिखावा करने के बजाय नींव की तरह बनो, जो दिखाई न देकर भी पूरी इमारत का भार उठाती है। अर्थात बिना प्रसि... 1
- कृति पूर्ण कीजिए : मनुष्य से अपेक्षाएँ दिखावे के शिखर के बजाय नींव बनकर काम करे। चले तो आसमान पर अपनी छाप छोड़े और रुके तो मील का पत्थर बने। सच्चा आदमी बनकर दिखाए। दूसरों के दिल क... 1
- जिनके उत्तर निम्न शब्द हों, ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए : १. भीड़ २. जुगनू ३. तितली ४. आसमान कवि को किसमें ऐसी शक्ल देखने की इच्छा है जिसमें उसे प्रिय दिखाई दे? किसने कहा कि ‘मैं भी तुम्हारे साथ हूँ’? कवि ने किसके टूटे पर दिखने के लि... 1
- निम्नलिखित पंक्तियों से प्राप्त जीवनमूल्य लिखिए : १. ‘आपको महसूस होगी…’ से ‘…मोम के भीतर दिखो’ तक २. ‘कोई ऐसी शक्ल…’ से ‘…मुझे अक्सर दिखो’ तक संवेदनशीलता और त्याग : जैसे मोमबत्ती का धागा स्वयं जलकर प्रकाश देता है, वैसे ही दूसरों के दुख में स्वयं को झोंककर ही हम हर दिल की पीड़ा महसू... 1
- कृति पूर्ण कीजिए : गजल में प्रयुक्त प्राकृतिक घटक गर्द (धूल) आसमान पत्थर जुगनू धुंध मोती-सीप फूल कली तितली 1
- कवि के अनुसार ऐसे दिखो : नींव के अंदर मील का पत्थर आदमी बनकर आईना बनकर रोशनी बनकर सीप के अंदर मोती तितली के टूटे पर 1
- अभिव्यक्ति : प्रस्तुत गजल की अपनी पसंदीदा किन्हीं चार पंक्तियों का केंद्रीय भाव स्पष्ट कीजिए। पंक्तियाँ : गजल का पहला शेर (स्वर्णिम शिखर और नींव वाला) और जुगनू वाला शेर। केंद्रीय भाव : पहले शेर में गजलकार कहता है कि चमकते सुनहले शिखर... 1
- ‘यदि मेरा घर अंतरिक्ष में होता’ विषय पर अस्सी से सौ शब्दों में निबंध लेखन कीजिए। यदि मेरा घर अंतरिक्ष में होता रात को तारों भरा आकाश देखते हुए मैं अकसर सोचता हूँ कि यदि मेरा घर अंतरिक्ष में होता तो कितना रोमांचक होता ! मै... 1
- प्रवाह तालिका पूर्ण कीजिए : मनुष्य जीवन की स्थितियाँ बचपन यौवन बुढ़ापा 1
- कृति पूर्ण कीजिए : १. गली से यह नहीं दिखता २. लेखक ऐसी जिंदगी बिताना नहीं चाहता गली से यह नहीं दिखता – आसमान (वहाँ आसमान है पर दिखाई नहीं देता); पेड़ भी नहीं दिखते। लेखक ऐसी जिंदगी बिताना नहीं चाहता – चीजों को लुका-छिपाक... 1
- आकृति में लिखिए : गली की विशेषताएँ गली में पेड़ नहीं हैं, न ही पेड़ लगाने की गुंजाइश है। मकान ही मकान हैं, जैसे मकान पर मकान लदे हों। गली सँकरी, गंदी और तंग है। आसमान बिजली और... 1