3. (आ) ‘हम उस धरती की संतति हैं’ कविता के भाव पर आधारित निम्नलिखित अंश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए : (4 अंक)(कवि : उमाकांत मालवीय। कविता पाठ्यपुस्तक में है, इसलिए यहाँ छापी नहीं गई है; नीचे उसका भाव मौलिक शब्दों में दिया गया है।)यह कव…
3. (आ) ‘हम उस धरती की संतति हैं’ कविता के भाव पर आधारित निम्नलिखित अंश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए : (4 अंक)
(कवि : उमाकांत मालवीय। कविता पाठ्यपुस्तक में है, इसलिए यहाँ छापी नहीं गई है; नीचे उसका भाव मौलिक शब्दों में दिया गया है।)
यह कविता कव्वाली के रूप में लड़कों और लड़कियों की दो टोलियों के बीच मीठी नोक-झोंक है। लड़कों की टोली कहती है कि वे उस धरती की संतान हैं जहाँ ध्रुव जैसे बालक खेले, प्रह्लाद जैसे सच्ची लगन वाले भक्त हुए, भरत ने शेरों के जबड़े खुलवाकर उनके दाँत गिने और जयमल-पत्ता जैसे वीर हुए। इसलिए वे स्वयं को सबसे आगे मानते हैं और लड़कियों को चुप रहने को कहते हैं।
लड़कियों की टोली उत्तर देती है कि बढ़-चढ़कर बातें मत करो। इसी धरती पर झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई, दुर्गावती, रजिया सुलताना और चाँद बीबी जैसी वीरांगनाएँ हुईं, पद्मिनी ने जौहर किया और सीता-सावित्री जैसी महान नारियाँ हुईं। अंत में लड़के मान लेते हैं कि झगड़ा व्यर्थ है। ध्रुव हो या रजिया, सभी भारत माता की संतान हैं। नर और नारी भारत माता के रथ के दो पहिये हैं और दोनों समान हैं।
(1) निम्नलिखित विधान सत्य हैं या असत्य, लिखिए : (2)
(i) कविता लड़कों और लड़कियों की टोलियों के संवाद के रूप में है।
(ii) भरत ने हाथी के दाँत गिने थे।
(iii) लड़कियों की टोली ने झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई का उल्लेख किया।
(iv) अंत में लड़के कहते हैं कि नारी नर से कम है।
(2) ‘मातृभूमि के प्रति हमारा कर्तव्य’ इस विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। (2)